हमें कुछ कहने की जरूरत नहीं, दुनिया हमारा सच जानती है : सेनाध्‍यक्ष विपिन रावत

हमें कुछ कहने की जरूरत नहीं, दुनिया हमारा सच जानती है : सेनाध्‍यक्ष विपिन रावतनईदिल्‍ली: सेना प्रमुख विपिन रावत के अनुसार कश्‍मीर पर यूनाइटेड नेशन्‍स द्वारा जारी रिपोर्ट पर अधिक ध्‍यान देने की जरूरत नहीं है. उन्‍होंने कहा कि ‘मैं नहीं समझता कि हमें इस बारे (यूएन रिपोर्ट) के बारे में बात करनी चाहिए. भारतीय सेना के मानवाधिकार संबंधी रिकार्ड सर्वोपरि हैं. भारतीय सेना के जवान, सभी भारतवासी और दुनिया के सभी देश सच जानते हैं. हमें इस रिपोर्ट को ज्‍यादा तवज्‍जो देने की जरूरत नहीं है. इसमें से कई रिपोर्ट को प्रेरित होकर तैयार किया गया है. 

उल्‍लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने अपनी 49 पेज की एक रिपोर्ट जारी की थी. जिसमें भारत और पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट में कथित मानवाधिकार उल्‍लंघन की जांच करने की बात भी कही गई थी. इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय ने यूएन की इस रिपोर्ट को भ्रामक और शरारतपूर्ण बताया था. यूएन की इस रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह रिपोर्ट भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्‍लंघन करने वाली है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य भारत का एक अभिन्‍न अंग है. पाकिस्‍तान ने जम्‍मू-कश्‍मीर के एक हिस्‍से पर अवैध कब्‍जा कर रखा है. भारत कई बार पाकिस्‍तान को यह हिस्‍सा वापस करने के लिए बोल चुका है. मंत्रालय के अनुसार, रिपोर्ट में कश्‍मीर में सीमाओं के बारे में न केलव गलत विवरण दिया गया है, बल्कि शरारतपूर्ण तरीके से भ्रामक और अस्‍वीकार्य जानकारियों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि रिपोर्ट में शरारतपूर्ण तरीके से ‘आजाद कश्‍मीर और कश्‍मीर’ और “गिलगिट-बाल्टिस्तान” जैसे नामों का इस्‍तेमाल किया गया है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार रिपोर्ट में ऐसे आतंकवादी संगठनों के लिए ‘सशस्‍त्र समूह’ के नाम से पुकारा गया है, जो अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कुख्‍यात है बल्कि संयुक्‍त राष्‍ट्र ने प्रतिबंधित किया हुआ है. इसके अलावा, रिपोर्ट में आतंकियों के लिए ‘नेता’ जैसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया गया है. रिपोर्ट पर इन शब्‍दों के इस्‍तेमाल ने रिपोर्ट तैयार करने वालों की मंशा साफ कर दी है. इस तरह के कृत्‍य से संयुक्त राष्ट्र की अगुआई में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति को कमजोर करता है. जिस पर गंभीरता से ध्‍यान देने की जरूरत है.

Bureau Report

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