रेखा गुप्ता ने बजट में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं. खास तौर पर छात्राओं और महिलाओं के लिए नई योजनाओं के जरिए सरकार ने सामाजिक और शैक्षिक स्तर पर बदलाव लाने का संकेत दिया है.
9वीं की छात्राओं को मिलेगी साइकिल
शिक्षा क्षेत्र के लिए सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. मुख्यमंत्री ने माना कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी बड़ी चुनौती है. कई स्कूलों में मेडिकल रूम तक नहीं हैं और कुछ जगहों पर एक ही भवन में अलग-अलग शिफ्ट में स्कूल चल रहे हैं. इन कमियों को दूर करने के लिए 200 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 275 करोड़ रुपये विस्तार कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं. छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने खास योजना की घोषणा की है. अब कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली हर छात्रा को साइकिल दी जाएगी, ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके. इसके लिए 9 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं, 10वीं कक्षा में मेरिट में आने वाले छात्रों को लैपटॉप देने की योजना भी शुरू की जाएगी, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
महिलाओं के लिए ऐलान
स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें. इसके अलावा दिल्ली में नया सैनिक स्कूल खोलने और निजी प्ले स्कूलों के लिए नई नीति लाने की भी बात कही गई है। केंद्र से नए केंद्रीय विद्यालयों की मांग भी की जाएगी. महिला सशक्तिकरण के तहत सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 7,406 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने के लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस योजना के लाभार्थियों की पहचान के लिए एक विशेष प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है.
महिलाओं के लिए मुफ्त बसयात्रा योजनाको जारी रखते हुए इसके लिए 450 करोड़ रुपये रखे गए हैं. वहीं, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पुरानी योजनाओं की जगह नई पहल भी लाई जा रही हैं. इसी कड़ी में “दिल्ली लखपति बिटिया योजना” शुरू की जाएगी, जिसके तहत बच्ची के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई पूरी होने तक आर्थिक सहायता दी जाएगी और अंत में उसे लगभग 1.20 लाख रुपये मिलेंगे. इसके अलावा, हुनरमंद महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए “महिला हाट” स्थापित किए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पाद बेच सकेंगी. इस पहल के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कुल मिलाकर, यह बजट शिक्षा में सुधार, छात्राओं को सुविधा और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक व्यापक और योजनाबद्ध कदम के रूप में देखा जा रहा है.
Bureau Report
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