इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब परमाणु हमले का रूप ले रही है. आज युद्ध का 26वां दिन है और अभी-भी हमले जारी हैं. इजरायल ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर बड़ा हमला किया है, जिससे एटमी रेडिएशन का खतरा भी मंडराने लगा है. जबकि दूसरी तरफ जंगबंदी से संबंधित कई खबरें आ रही हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है. हालांकि, इसी बीच एक दूसरे
वहीं इजरायल की तरफ से किए गए हमले के बाद बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट कैंपस के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसके जोरदार धमाके से खलबली मच गई. IDF की तरफ से किया गया हमला इस दौरान इतना जोरदार था कि धमाके के बाद बारूद तिनके की तरह बिखरता हुआ दिखाई दिया. जिससे कैंपस में भीषण आग लग गई. फिलहाल इस हमले से रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
ईरान का बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट देश के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौजूद है. जो ईरान की मुख्य रूप से तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है. वहीं इस हमले के बाद IAEA के डीजी ने न्यूक्लियर सेफ्टी के खतरों से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा कंट्रोल रखने की बात दोहराई है.
अमेरिका की शर्तें
भले ही एक दूसरे पर हमले जारी हैं, लेकिन दूसरी तरफ युद्धविराम से जुड़ी खबरें भी आ रही हैं. कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत है. अमेरिका ने ईरान के सामने 15 शर्तों वाला प्लान रखा है. शर्तों में कहा गया है कि ईरान को अपनी मौजूदा परमाणु क्षमताओं को खत्म करना होगा. ईरान को यह वादा करना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा. ईरान की धरती पर यूरेनियम संवर्धन का कोई काम नहीं होगा. ईरान को अपने पास मौजूद लगभग 450 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को, भविष्य में तय की जाने वाली एक समय-सीमा के अंदर, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा.
ईरान को भी बदले में मिलेगी राहत
हालांकि इन शर्तों के बदले ईरान को भी बदले में कुछ चीजें देने की बात कही जा रही है. बदले में ईरान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के जरिए लगाए गए सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. US, ईरान को उसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करेगा, जिसमें बुशहर परमाणु प्लांट में बिजली बनाना भी शामिल है. तथाकथित ‘स्नैपबैक’ मैकेनिज्म, जिसके तहत अगर ईरान नियमों का पालन नहीं करता है तो, उस पर अपने-आप पाबंदियां फिर से लगा दी जाती हैं, उसे हटा दिया जाएगा.
जवाब के लिए तय की जाएगी समयसीमा
इजरायल के एक और पब्लिकेशन ‘हारेत्ज’ के मुताबिक, यह प्रस्ताव एक बिचौलिए देश के जरिए ईरान को भेजा गया है और इसके जवाब के लिए एक समय सीमा भी तय की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने US से कहा है कि वह इस प्रस्ताव पर विचार करेगा, लेकिन उसने इस बात पर जोर दिया कि कुछ ऐसी बातें हैं, जिन्हें वह कभी स्वीकार नहीं करेगा. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के लिए आने वाले समय में एक शांति शिखर सम्मेलन होने की संभावना है.
Bureau Report
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