बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी शिकस्त के बाद लालू यादव की सियासत अब बदली-बदली नजर आ रही है. लालू यादव ने करीब 30 साल में पहली बार इस साल इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं किया. इतना ही नहीं उनकी पार्टी राजद की ओर से भी इस तरह के कार्यक्रम से दूरी बना कर रखी. वहीं अब राजद की ओर से हिंदू नववर्ष चैता पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लालू यादव, तेजस्वी यादव और मीसा भारती समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल हुए. तेजस्वी यादव ने खुद इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
तेजस्वी ने इस कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि चैत्र मास में आयोजित होने वाले पारंपरिक लोक संस्कृति एवं लोक संगीत के कार्यक्रम चैता का आज आवास पर श्रद्धा और धूमधाम से आयोजन किया गया. सनातन धर्म में चैत्र मास को मधुमास भी कहा जाता है. हम किसान भाई लोग खुशहाली के लिए गायन-वादन संग हिंदू नववर्ष का उल्लास मनाने के अलावा राम नवमी के आसपास चैता का आयोजन कर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म की भी खुशियां मनाते हैं. इस आयोजन में लोग प्रेम रस, वीर रस और भगवान राम की लीलाओं से भरे आनंदमय गीतों का गायन व श्रवण करते हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि चैता और फगुआ के आयोजन सामुदायिक सद्भाव, आपसी सहयोग, अपनापन, परस्पर विश्वास व प्रेम का संचार कर लोक संस्कृति और भरोसे को बढ़ावा देते हैं. वहीं इस कार्यक्रम को लेकर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल लाल मंडल ने बताया कि चूंकि लालू प्रसाद यादव बीमार अक्सर बीमार रहते हैं और काफी लंबे समय से ऐसा कार्यक्रम नहीं हुआ है, इसलिए आज उन्हीं के आदेश पर राबड़ी आवास में चैता का कार्यक्रम रखा गया है.
क्यों उठ रहा MY समीकरण से भरोसा?
इस चुनाव में राजद का मुस्लिम-यादव समीकरण बुरी तरह से ध्वस्त हो गया. सियासी जानकारों के मुताबिक, पार्टी ने जिस तरह से वक्फ बिल का विरोध किया उससे यादव वोटर नाराज हो गए और उन्होंने एनडीए को वोट किया. चुनाव से पहले लालू परिवार में मचे घमासान खासतौर पर तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य के अपमान से भी यादव वोटरों के अंदर खासा नाराजगी दिखी. वहीं मुस्लिम वोटबैंक में ओवैसी ने सेंधमारी कर दी. इससे राजद का प्रदर्शन इतना खराब रहा.
Bureau Report
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