संकट नहीं तो क्या? पीएम की आशंका सही निकली, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनों के पीछे पता चली वजह

संकट नहीं तो क्या? पीएम की आशंका सही निकली, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनों के पीछे पता चली वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आश्वस्त कर चुके हैं, फिर भी पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन क्यों लग रही है? गुजरात के अहमदाबाद से लेकर कर्नाटक के बेलगावी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं. अहमदाबाद से खबर दी है कि लगातार दूसरे दिन पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें देखी गईं. पंप खुलने से पहले ही भीड़ लग गई. लोग लंबी लाइनों में करीब 4-5 घंटे तक लगे रहे. उधर, कर्नाटक के बेलगावी से भी ऐसी तस्वीरें सामने आईं, तो लोगों में भ्रम पैदा होने लगा. ईरान और अमेरिका युद्ध के चलते क्या पेट्रोल संकट पैदा हो गया है? 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि प्रधानमंत्री ने संसद में जो इशारा दिया था, पेट्रोल पंप पर लग रही लाइनों की वजह वही है. हां, प्रधानमंत्री ने संसद में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए आंतरिक सुरक्षा पहलू की ओर ध्यान दिलाया. पीएम ने आगाह करते हुए कहा कि कुछ तत्व ऐसी स्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने देश को बताया कि सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, जिससे उनकी मंशा पूरी न हो सके. 

लंबी लाइनों की वजह क्या है?

दरअसल, दोनों शहरों में अफवाह के चलते भारी भीड़ जुट रही है. अफवाह के कारण ही लोग पेट्रोल पंप खुलने से पहले ही पहुंच जा रहे हैं, जबकि पीएम ने साफ तौर पर कहा है कि भले ही पश्चिम एशिया में हालात चिंताजनक हों, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर ज्यादा प्रभाव न पड़े और देश के आम परिवारों को कम से कम असुविधा हो. 

बेलगावी में फेक न्यूज फैलाई गई

हां, सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलने के बाद बेलगावी शहर में लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े. ईरान युद्ध को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं. सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर किए जा रहे हैं. झूठी खबर फैलाई गई कि पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है. ऐसे में देर रात लोग पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए निकल पड़े. 

पेट्रोल न मिलने की घबराहट में लोग अपनी बाइक और कारों में पेट्रोल भरवाने लगे. कुछ लोग पेट्रोल पंपों से बोतलों में पेट्रोल भरवाने लगे. कई शहरों में फेक न्यूज के चलते पैनिक फैलाने की कोशिश हो रही है. अपील है कि देशवासी सरकारी प्लेटफॉर्म और न्यूज सोर्स पर ही भरोसा करें. 

Bureau Report

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