चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण पर रिपोर्ट मंगाई है. ममता ने यह स्पीच बुधवार को दी थी. उन्होंने कथित तौर पर महिलाओं को सतर्क रहने और किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए घर में जो भी चीज मिले, उसका इस्तेमाल करने के लिए उकसाया था. रिपोर्ट के मुताबिक ममता के बयान को मतदान केंद्रों पर तैनात केंद्रीय बलों के जवानों के लिए खतरे के तौर पर देखा गया है.
चुनाव आयोग ने सीईओ मनोज अग्रवाल से दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी स्थित नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल मैदान में हुई जनसभा के दौरान ममता के दिए भाषण पर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है.
सुरक्षाकर्मी के हाथ में भाजपा का झंडा?
इस रैली में ममता ने कहा था, ‘कल मैंने बांकुरा में देखा कि केंद्रीय बल भाजपा का झंडा लेकर चल रहे थे. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.’ दरअसल, ममता बनर्जी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर का जिक्र कर रही थीं, जिसमें कथित तौर पर केंद्रीय सशस्त्र बल का एक जवान भाजपा के उम्मीदवार के साथ चल रहा था और पार्टी के चुनाव चिह्न के कट-आउट्स ले जा रहा था.
तृणमूल कांग्रेस ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर में एक सुरक्षाकर्मी को भाजपा का झंडा और कटआउट ले जाते देखा जा रहा है. यह तस्वीर बांकुरा की बताई जा रही है. हालांकि, ऐसा करने की वजह क्या थी, यह स्पष्ट नहीं है.
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने आरोप लगाया है कि बांकुरा में केंद्रीय बल खुलेआम भाजपा का सिंबल लेकर चल रहे हैं. चुनाव आयोग भाजपा की मदद कर रहा है. अब ममता खुद अपनी स्पीच में फंस गई हैं.
Bureau Report
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