मथुरा के छाता नेशनल हाईवे पर उस वक्त दहशत फैल गई, जब ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने पत्थराव शुरू कर दिया. जिससे जाम के दौरान फंसे कई वाहनों के शीशे टूट गए. आक्रोशित भिड़ ने पुलिस पर खूब पत्थर बरसाए. कई लोगों को चोट भी लगी है. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया.
क्या है ये पूरा मामला?
दरअसल, गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की एक ट्रक से कुचलकर संदिग्ध मौत हो गई. ये घटना सुबह करीब 4 बजे की है. बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा एक बाइक पर सवार होकर गौतस्करों का पीछा कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उनकी गाड़ी को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
गो तस्करों पर बाबा की हत्या का आरोप
जैसे ही ये नजारा स्थानीय लोगों ने देखा तो मौके से एक मुस्लिम युवक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन आरोपी मौका देखकर फरार हो गए. जिनकी तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है. अब बाबा के समर्थकों ने गो तस्करों पर बाबा की हत्या का आरोप लगाया है. ये खबर फैसले ही बड़ी संख्या में गौरक्षक और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए.
घटनास्थल पर कई थानों की फोर्स
आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. घटनास्थल पर एडीएम, क्षेत्रीय तहसीलदार, एसपी देहात के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स की तैनाती की गई है.
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बाबा की मृत्यु एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है. उन्होंने ट्रक ड्राइवर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की है. आपको बता दें, फरसा वाले बाबा को लोग ब्रज में गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा मानते थे. जिनकी मौत से न सिर्फ मातम पसरा हुआ है, बल्कि लोगों में भारी आक्रोश भी दिख रहा है.
Bureau Report
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