ईरान वॉर के बीच सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार की तरफ से शुक्रवार सुबह पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये लीटर की कटौती की गई है. सरकार की तरफ से उठाए गए कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, डीजल पर अब यह जीरो होगी. अभी तक पेट्रोल पर 13 रुपये लीटर और डीजल पर 10 रुपये लीटर की एक्साइज ड्यूटी लगाई जा रही थी. एक्साइज ड्यूटी कम करके सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है.
सरकार ने यह कदम इजरायल और ईरान जंग के बीच तेहरान की तरफ से भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बाद उठाया है. होर्मुज पर ईरान की नाकेबंदी के बाद दुनियाभर में ग्लोबल सप्लाई चेन का संकट बना हुआ है. इससे क्रूड ऑयल के दाम में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. आपको बता दें होर्मुज स्ट्रेट से दुनियाभर की जरूरत की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई होती है. होर्मुज के जरिये कतर और ईरान से भी एलपीजी का बड़ा आयात होता है. जंग से पहले भारत इस रूट से आने वाले तेल का 40 से 50 प्रतिशत आयात करता था.
आम आदमी को नहीं मिलेगा सीधा फायदा
सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी की कटौती को लेकर उठाए गए कदम का फायदा आम आदमी को नहीं मिलेगा. सरकार की तरफ से इसका फायदा तेल कंपनियों को दिया जाएगा. आपको बता दें क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत के बीच तेल कंपनियों पर दबाव बना हुआ था. अब तेल कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है. जिससे कंपनियां खुदरा बाजार में तेल की कीमत नहीं बढ़ाएंगी.
भारत के पास करीब 60 दिनों का तेल भंडार
आम जनता को किसी भी तरह की पैनिक बाइंग से बचाने के लिए सरकार की तरफ से बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार है. सरकार ने गुरुवार को ही कहा था कि भारत के पास करीब 60 दिनों का तेल भंडार है 30 दिन का एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है. अधिकारियों ने कमी की अफवाहों को ‘जानबूझकर फैलाई जा रही गलत जानकारी’ बताया और कहा कि पैनिक बाइंग की जरूरत नहीं है. अब सरकार की तरफ से यह कदम संभावित ईंधन मूल्य वृद्धि पर कंट्रोल करने के लिए उठाया गया है.
Bureau Report
Leave a Reply