शेयर बाजार के पिछले दिनों निचले लेवल तक जाने के बाद अब सेंसेक्स और निफ्टी में अब तेजी दिखाई दे रही है. बुधवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली. सुबह करीब 9.30 बजे सेंसेक्स में 900 अंक और निफ्टी में 300 अंक से ज्यादा की तेजी देखी गई. शेयर बाजार में आए इस उछाल से निवेशकों की संपत्ति में 7 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया. बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 423 लाख करोड़ से 430 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया.
एक दिन पहले मंगलवार को शेयर बाजार 2 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ बंद हुआ था. बुधवार को भी पॉजिटिव ग्लोबल संकेत और मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद से बाजार में तेजी देखी गई थी. आइए जानते हैं शेयर बाजार में तेजी का कारण-
शेयर बाजार में तेजी के कारण
मिडिल ईस्ट में जंग खत्म होने की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच पॉजिटिव बातचीत की खबरों से बाजार के निवेशक खुश हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच सहमति को लेकर कुछ अहम प्वाइंट हैं. उन्होंने ईरान की एनर्जी फैसिलिटी पर अमेरिकी हमलों को पांच दिन के लिए होल्ड कर दिया है. इसके बाद कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जगी है.
ग्लोबल मार्केट से सकारात्मक संकेत
एशियाई मार्केट में मजबूती ने इंडियन शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को और बेहतर बनाया है. इसके बाद जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी 3 प्रतिशत तक उछल गया, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट 1 प्रतिशत ऊपर रहा. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की खबरों ने एशिया में भी खुशी दी है. जिससे निवेशकों के बीच पॉजिटिव लहर बनी है.
क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट
शेयर बाजार में तेजी का कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट को भी माना जा रहा है. ब्रेंट क्रूड 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 93.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की खबरों से तेल की कीमत में भी राहत मिली है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का 80-90 प्रतिशत तेल इम्पोर्ट करता है.
छोटी अवधि की बिकवाली का असर
हालिया गिरावट के बाद कई ट्रेडर्स ने अपनी छोटी पोजीशन को बंद कर दिया है. इससे बाजार में खरीदारी बढ़ गई है. पिछले दिनों शेयर बाजार में बिकवाली हावी रहने से सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी गई थी. लेकिन अब खरीदारी बढ़ने से शेयर बाजार चढ़ रहा है.
निवेशकों का भरोसा लौटा
कमजोर डॉलर और ब्याज दर में कटौती की उम्मीद ने बाजार को सपोर्ट किया है. अगर जंग रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बन जाती है तो आने वाले समय में अमेरिका की तरफ से ब्याज दर में कटौती की जा सकती है. ब्याज दर में कटौती की उम्मीद ने भी निवेशकों में जान भर दी है. यदि शांति वार्ता सफल रही तो बाजार में आने वाले समय में और तेजी आ सकती है.
Bureau Report
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