Assam Election 2026: असम में इंडिया अलाइंस के बीच सिर-फुटव्वल, सहयोगी पार्टी ने ही दी कांग्रेस को टेंशन!

Assam Election 2026: असम में इंडिया अलाइंस के बीच सिर-फुटव्वल, सहयोगी पार्टी ने ही दी कांग्रेस को टेंशन!

असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बड़ा दांव खेला है. JMM ने असम में 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर एक एक बार फिर ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. झारखंड में कांग्रेस और JMM की गठबंधन सरकार है, लेकिन असम में दोनों दल आमने-सामने आने पर सियासी लड़ाई और दिलचस्प हो गई है.

JMM के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि पार्टी असम में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने के लिए चुनाव लड़ रही है. उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर पार्टी उम्मीदवार उतार रही है, वहां वह भाजपा और कांग्रेस दोनों के खिलाफ मुकाबला करेगी. उनका कहना है कि JMM का मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना ही नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में अपनी जगह तलाश करना है.

कांग्रेस ने जाहिर की नाराजगी

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस कदम पर असहज प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कमल ठाकुर ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में इस तरह के फैसले आपसी बातचीत और सहमति से होने चाहिए. उन्होंने इशारा दिया कि JMM ने जल्दबाजी में यह फैसला लिया है, जिसका असर चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है. ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर दोनों पारटियां मिलकर चुनाव लड़ती, तो बेहतर और हम लोगों के हक में नतीजे आते.

भाजपा बोली- विपक्षी गठबंधन कमजोर है

भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की कमजोरी के तौर पर पेश किया है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवपूजन पाठक ने कहा कि JMM का यह कदम उनके अंदर की निराशा को जाहिर करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन में JMM को उचित महत्व नहीं मिला, जिसके चलते वह अलग रास्ता अपना रही है. भाजपा का दावा है कि वह असम में अपने काम और नेतृत्व की बुनियाद पर चुनाव लड़ रही है और जनता का समर्थन उसे मिल रहा है.

‘JMM ने बनाई लंबी रणनीति’

वहीं राजनीतिक विश्लेषकों के के मुताबिक JMM का असम में उतरना सिर्फ एक चुनावी प्रयोग नहीं, बल्कि आने वाले समय की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. पार्टी झारखंड से बाहर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, इसका सीधा असर कांग्रेस के वोट बैंक पर पड़ सकता है, खासकर उन सीटों पर जहां विपक्षी वोट पहले से ही बंटे हुए हैं.

कांग्रेस के सामने पहले ही भाजपा और AUIDF है चुनौती

असम में पहले ही भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के बीच कड़ा मुकाबला है. ऐसे में JMM की एंट्री चुनावी गणित को और मुश्किल बना सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या JMM वाकई अपनी मौजूदगी दर्ज करा पाती है या फिर यह कदम सिर्फ विपक्षी वोटों के बंटवारे तक सीमित रह जाता है.

Bureau Report

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