पाकुड़ पहुंचे झारखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तनवीर आलम ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी SIR का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि इसके लागू करने के तरीके पर सवाल उठा रही है. उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना जरूरी है, लेकिन यदि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाकर कार्रवाई की जाती है तो यह चिंता का विषय बन जाता है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है.
बंगाल और बिहार का मुद्दा उठाया
तनवीर आलम ने पश्चिम बंगाल और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक विशेष समुदाय के लोगों को कथित रूप से निशाना बनाया गया है. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच लगभग 60 लाख से अधिक लोगों के नाम होल्ड पर रखे गए हैं, जिससे उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि इन मतदाताओं का क्या होगा और क्या उन्हें अपने मताधिकार से वंचित किया जाएगा.
झारखंड में SIR को लेकर तैयारी
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी SIR लागू होने जा रहा है, जिसे लेकर कांग्रेस पूरी तरह सतर्क है. पार्टी चाहती है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता को परेशानी न हो. इसके लिए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रत्येक बूथ पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त किए गए हैं और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर किसी भी गड़बड़ी को रोका जा सके.
असम चुनाव और JMM गठबंधन पर प्रतिक्रिया
असम चुनाव में JMM के साथ गठबंधन न होने के सवाल पर तनवीर आलम ने साफ किया कि झारखंड में कांग्रेस और JMM का गठबंधन मजबूत है और सरकार अच्छा काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह गठबंधन आगे भी सफलतापूर्वक जारी रहेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर राज्य का अपना अलग राजनीतिक परिदृश्य होता है और पार्टियां उसी के अनुसार रणनीति बनाती हैं. असम में JMM का अलग चुनाव लड़ना संगठन विस्तार का हिस्सा है, जिसे उन्होंने सकारात्मक कदम बताया.
Bureau Report
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