UPTET 2026: 50 हजार शिक्षकों के पेपर में बैठने का रास्ता साफ! 4 साल बाद लौटा यूपी टीईटी; जानें UPESSC के वो 3 बदलाव

UPTET 2026: 50 हजार शिक्षकों के पेपर में बैठने का रास्ता साफ! 4 साल बाद लौटा यूपी टीईटी; जानें UPESSC के वो 3 बदलाव

उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर आई है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 को लेकर बड़ा बदलाव किया है. नए नोटिफिकेशन में तीन जरूरी फैसले लिए गए हैं. इन बदलावों से करीब 50 हजार शिक्षकों को सीधा फायदा मिलेगा. अब ऐसे शिक्षक भी टीईटी परीक्षा दे सकेंगे, जो पहले तय योग्यता के कारण बाहर हो जाते थे. आयोग ने यह नया नोटिफिकेशन मंगलवार को जारी किया है.

इस बार नियमों में सबसे बड़ा बदलाव न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को लेकर किया गया है, जिसके तहत अब उन शिक्षकों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई है जो पहले इसके पात्र नहीं माने जाते थे. सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद प्रदेश के सहायक अध्यापकों के लिए टीईटी देने का रास्ता साफ हो गया है. सरकार के इस कदम से उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा था, और अब उनकी सेवा सुरक्षित होने की उम्मीद बढ़ गई है.

फाइनल ईयर के छात्र भी दे सकते हैं परीक्षा 

दूसरा बड़ा बदलाव छात्रों के लिए किया गया है. अब बीएड और बीटीसी या अन्य टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स कर रहे छात्र भी UPTET 2026 के लिए आवेदन कर सकेंगे. पहले केवल पास कर चुके उम्मीदवारों को ही मौका मिलता था. अब फाइनल ईयर के छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे. 

इससे युवाओं को पहले ही मौका मिल जाएगा और वे समय रहते अपनी तैयारी को परख सकेंगे. हालांकि, बीएड पास अभ्यर्थियों को सिर्फ उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 तक के लिए ही परीक्षा देने की अनुमति होगी.

हटा दिया गया है ब्रिज कोर्स करने का नियम

तीसरा जरूरी बदलाव बीएड उम्मीदवारों से जुड़ा है. पहले उन्हें प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के लिए भी टीईटी देने की अनुमति दी गई थी. लेकिन इसके साथ एक शर्त थी कि चयन के बाद उन्हें 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा. अब आयोग ने यह नियम पूरी तरह हटा दिया है. कोर्ट के आदेशों के बाद साफ कर दिया गया है कि बीएड वाले उम्मीदवार केवल उच्च प्राथमिक स्तर के लिए ही पात्र होंगे. इससे नियम और साफ हो गए हैं.

गौर करने वाली बात यह है कि UPTET परीक्षा चार साल बाद आयोजित होने जा रही है. इस बार 15 से 20 लाख आवेदन आने की उम्मीद है. इनमें करीब 1.86 लाख ऐसे शिक्षक भी शामिल होंगे, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर सके हैं. इन शिक्षकों के सामने अपनी नौकरी बचाने की चुनौती है. अगर वे सितंबर 2027 तक टीईटी पास नहीं करते हैं, तो उनकी नौकरी जा सकती है. ऐसे में यह बदलाव उनके लिए बहुत अहम साबित हो सकता है.

Bureau Report

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