चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है. इस खौफनाक घटना को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने हरियाणा के रेवाड़ी से धर दबोचा है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है. इस अहम धरपकड़ को पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और हरियाणा पुलिस के बेहतरीन तालमेल और संयुक्त अभियान के तहत अंजाम दिया गया. आपको बता दें कि पुलिस इस मामले में पहले ही 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
विदेशी हैंडलर्स और पाकिस्तानी ISI का कनेक्शन
मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले की साजिश देश के बाहर रची गई थी और इसके पीछे विदेशी हैंडलर्स का हाथ है. इन विदेशी आकाओं के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ से जुड़े होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है. हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने महज 2 लाख रुपये के लालच में आकर इस आतंकी घटना को अंजाम दिया. मुख्य आरोपी गुरतेज सिंह करीब 6 महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इन विदेशी साजिशकर्ताओं के संपर्क में आया था.
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
पहले बीजेपी कार्यालय और उसके आसपास के इलाके में बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ रेकी की. मौका देखकर अमनप्रीत ने दफ्तर के बाहर ग्रेनेड फेंक दिया. इस दौरान गुरतेज सिंह इस पूरी घटना का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाता रहा, ताकि वे अपने विदेशी आकाओं को काम पूरा होने का सबूत दे सकें. पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है. चूंकि इस मामले में विदेशी साजिश और सीधे तौर पर आतंकी कनेक्शन उजागर हुआ है, इसलिए देश भर की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं. मामले की गहराई से जांच की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
Bureau Report
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