Motihari Poisonous Liquor Tragedy: मोतिहारी में जहरीली शराब से अब तक 10 की मौत, कई लोगों ने गंवाई आंखों की रोशनी

Motihari Poisonous Liquor Tragedy: मोतिहारी में जहरीली शराब से अब तक 10 की मौत, कई लोगों ने गंवाई आंखों की रोशनी

मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या अब कम होने लगी है. फिलहाल, सदर अस्पताल में दो दर्जन लोगों का इलाज चल रहा है. इसके अलावा, लगभग दस लोगों का इलाज निजी नर्सिंग होम में हो रहा है. अब तक इस घटना में दस लोगों की जान जा चुकी है. कई ऐसे लोग भी हैं जो बच तो गए हैं, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी चली गई है. वहीं, जहरीली शराब की खेप मंगवाने वाला कन्हैया यादव और उसके साथी उसका साथी सुनील साह, दोनों ने मोतिहारी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है.

नकली शराब से हो रही लगातार मौतों के बीच, सुखारी साह जो इस जानलेवा शराब को बांटने में शामिल था. उसने 4 तारीख को तुरकौलिया के बैरिया बाज़ार से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस की पूछताछ के दौरान, सुखारी ने गांव के चौकीदार सुरेश यादव के भाई की पहचान उस व्यक्ति के तौर पर की, जिसने उसकी भुजा (भुने हुए अनाज) की दुकान पर नकली शराब पहुंचाई थी. अब तक, मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से दस लोगों की मौत हो चुकी है. हर मौत संबंधित परिवारों के लिए दिल तोड़ने वाली है, लेकिन एक घटना इतनी मार्मिक है कि उसे सुनकर आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे. लड्डू साह की मौत जहरीली शराब पीने से हुई.

लड्डू साह की गरीबी पर तरस खाते हुए, एक प्राइवेट नर्सिंग होम ने अपनी फीस की मांग को आम 75,000 रुपए से घटाकर सिर्फ 20,000 रुपए कर दिया था—फिर भी, यह कम की गई रकम भी लड्डू साह के परिवार की पहुंच से बाहर थी. नतीजतन, तुरकौलिया के बालगंगा इलाके में चंदा इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया गया, जो दो दिनों तक चला. गांव वालों ने अपनी-अपनी हैसियत के हिसाब से जो बन पड़ा, दिया किसी ने 10 रुपए या 20 रुपए दिए, तो किसी ने 500 रुपए या 1,000.  इसके बाद, लड्डू साह का शव नर्सिंग होम से लाकर उनके गांव लाया गया.

गांव की औरतें लड्डू के दुखी परिवार को दिलासा देने और सांत्वना देने की कोशिश करते दिखें. लड्डू के परिवार पर आई इस मुसीबत को देखकर, गांव की औरतें भी इतनी दुखी हैं कि उन्हें लग रहा है जैसे उनका दिल सीने में ही फट जाएगा. इस बीच, मुआवजा देने को लेकर प्रशासन की इंसानियत अभी तक नहीं जागी है. लड्डू साह अपने पीछे पांच छोटी बेटियां छोड़ गए हैं. मोतिहारी में अब यह सवाल एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि उनकी शिक्षा और भविष्य में होने वाले शादी-ब्याह के खर्चों का इंतजाम कैसे होगा.

Bureau Report

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