RBI MPC: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) का ऐलान कर दिया. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में बताया कि इस बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और इसे पुराने ही लेवल 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है. अभी आरबीआई (RBI) का रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर है. यह लगातार तीसरा मौका है जब आरबीआई ने एमपीसी में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है.
रेपो रेट के पुराने लेवल पर ही बने रहने से होम लोन, कार लोन और बाकी के लोन की ईएमआई में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा. आरबीआई का फोकस महंगाई को कंट्रोल करते हुए इकोनॉमिक ग्रोथ को बनाए रखने पर रहेगा. आरबीआई (RBI) की तरफ से लिये गए फैसले का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देगा.
तीन बार में 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती
आपको बता दें आरबीआई (RBI) ने पिछले एक साल के दौरान रेपो रेट में कुल 125 बेसिस प्वाइंट (1.25%) की कटौती की है. लेकिन इस बार महंगाई बढ़ने की आशंका और आर्थिक विकास में धीमापन की उम्मीद के बाद रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया. आरबीआई (RBI) तरफ से भविष्य के अनुमानों में मामूली सुधार किया गया है. FY 2027 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.9% कर दिया गया है. पहले यह 6.7% पर था. वहीं दूसरी तिमाही में इसे बढ़ाकर 7% कर दिया गया है, जो कि पहले 6.8% पर था.
क्या होता है रेपो रेट?
जिस रेट पर आरबीआई की तरफ से बैंकों को लोन दिया जाता है, उसे रेपो रेट कहा जाता है. रेपो रेट बढ़ने का मतलब है कि बैंकों को आरबीआई से महंगे रेट पर कर्ज मिलेगा. इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन आदि की ब्याज दर बढ़ जाएगी, जिससे आपकी ईएमआई पर सीधा असर पड़ेगा.
Bureau Report
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