NEET मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक जारी गतिरोध के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि संवेदनशील रुख दिखाते हुए पहले ही छात्रों से बात की जानी चाहिए थी. लेकिन इस सरकार का यही ट्रेंड देखने को रहा है. किसान आंदोलन, सीएए प्रोटेस्ट के दौरान भी सरकार का ऐसा ही रुख देखने को मिला था जब बल प्रयोग से इसको हैंडल किया गया. यह पूरी तरह से अव्यस्था को दिखाता है . यदि किसी का दिल धड़कता है और थोड़ा-बहुत दिमाग भी है तो वो देख सकता है कि कल क्या हुआ?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘कल जो कुछ हुआ है वह इस सरकार का लगातार एक जैसा व्यवहार है…यह सब इतने दिनों से चल रहा है. आपको पहले से ही बातचीत करनी चाहिए थी. यह पूर्ण रूप से अव्यवस्था है.’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा- ‘जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों को पीटना गलत बात है, उनकी मांगें वाजिब हैं…युवाओं के सामने रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं.’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं ही छात्रों के लिए उम्मीद का एक बड़ा जरिया थीं, लेकिन अब उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उनका कहना था कि छात्र केवल शिक्षा प्रणाली से नाराज नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्र इसी वजह से व्यवस्था के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. राहुल गांधी के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य सभी युवाओं को समान अवसर देना होना चाहिए, न कि किसी खास वर्ग के हितों तक सीमित रहना.
इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने X पर एक पोस्ट में प्रशासनिक कार्रवाई पर अपना आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, कल देश ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और सरकार द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचलते हुए देखा. न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को जवाब देने के बजाय बल प्रयोग से दबा दिया गया. ‘लोकतंत्र की जननी’ अपने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती. इन दुखद परिस्थितियों में मैंने आज अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है.’
सरकार की तरफ से किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
इस बीच, मंगलवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में आयोजित एनडीए की बैठक में कहा है कि सरकार नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को लेकर चिंताओं के बीच “छात्रों के साथ खड़ी है” और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है.
आज एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय है जिसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.
Bureau Report
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