नईदिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिले आश्वासनों के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा:
“इस्तीफे से कहीं ज्यादा नुकसान अब BJP का हो रहा है। आप लोगों ने कहा कि मेरी जान कीमती है, इसलिए मैंने हंगर स्ट्राइक खत्म कर दिया है।”
सोनम वांगचुक के अनुसार, उन्हें निम्नलिखित आश्वासन दिए गए हैं:
• संसद में परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही (Accountability) के मुद्दे पर चर्चा होगी।
• हालिया NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सहमति बनी है।
• शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा:
“END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!”
इस घोषणा के बाद छात्र आंदोलन को लेकर नई राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों और समर्थकों का कहना है कि आंदोलन अब केवल किसी एक व्यक्ति के नेतृत्व तक सीमित नहीं रह गया है। उनका मानना है कि शुरुआती दौर में इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दिलाने में सोनम वांगचुक की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन अब आंदोलन का स्वरूप व्यापक हो चुका है।
प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों का कहना है कि आंदोलन की आगे की दिशा, मांगों और उसके समापन से जुड़े फैसले अब सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। उनके अनुसार, यह आंदोलन अब बड़ी संख्या में जुड़े Gen Z छात्रों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी वाला जनआंदोलन बन चुका है।
फिलहाल, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर सरकार से ठोस निर्णय और जवाबदेही की अपेक्षा कर रहे हैं। आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार चर्चा जारी है।
नोट: यह जानकारी सोनम वांगचुक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए सार्वजनिक बयान तथा आंदोलन से जुड़े पक्षों के बयानों पर आधारित है। आश्वासनों के क्रियान्वयन और आगे की आधिकारिक प्रक्रिया पर नज़र रहेगी।
Bureau Report
Leave a Reply