संसद घेरने की साजिश! पुलिसवालों की हत्या की प्लानिंग, कर्तव्य पथ थाने में दर्ज हुई पहली FIR में क्या है?

संसद घेरने की साजिश! पुलिसवालों की हत्या की प्लानिंग, कर्तव्य पथ थाने में दर्ज हुई पहली FIR में क्या है?

देश की राजधानी में जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के हिंसक प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है. कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में दर्ज पहली FIR की एक्सक्लूसिव कॉपी से सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. 

दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (BNS Section 109(1)) समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 13 गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. यह प्राथमिक प्राथमिकी कर्तव्य पथ थाने में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जिसमें 20 जुलाई को रफी मार्ग और रेल भवन चौराहे पर हुई भीषण हिंसा का पूरा ब्योरा दिया गया है.

क्या हुआ था उस दिन?

सुबह 5 बजे से मुस्तैद थी पुलिस: शिकायतकर्ता इंस्पेक्टर के अनुसार, उनकी ड्यूटी सुबह 5 बजे से C-Hexagon, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी. वायरलेस पर सूचना मिलते ही पुलिस बल रेल भवन गोलचक्कर पर लगाए गए बैरिकेड्स की ओर बढ़ा, जहां हजारों की संख्या में उग्र प्रदर्शनकारी जमा हो चुके थे.

धारा 163 (BNSS) की चेतावनी की अनदेखी: पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार घोषणा की कि इलाके में BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है और किसी भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद भीड़ लगातार नारेबाजी करती रही और पीछे हटने से इनकार कर दिया.

संसद कूच के लिए भीड़ को उकसाया: FIR के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ को भड़काया कि वे सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे संसद भवन की तरफ बढ़ें.

हत्या की नीयत से जानलेवा हमला: उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया. जवानों के साथ न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि उन पर पत्थर, जूते-चप्पल और धारदार वस्तुएं फेंकी गईं. शिकायत में स्पष्ट लिखा है कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों की हत्या करने के इरादे से हमला किया था.

सरकारी व निजी संपत्तियों में तोड़फोड़: उपद्रवियों ने रास्ते में खड़े निजी वाहनों और सरकारी संपत्तियों को भी जमकर नुकसान पहुंचाया.

सुरक्षा बलों का एक्शन (लाठीचार्ज और आंसू गैस): जब उग्र भीड़ संसद और अन्य अति-संवेदनशील संवैधानिक इमारतों के करीब पहुंचने लगी, तब सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरी में हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

BNS की इन 13 कड़ी धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

कर्तव्य पथ थाने की इस पहली FIR में BNS की जिन 13 धाराओं को शामिल किया गया है, वे मुख्य रूप से इन अपराधों से जुड़ी हैं:

1. हत्या का प्रयास (BNS Section 109(1))
2. सरकारी कर्मचारी पर जानलेवा हमला
3. सरकारी काम में बाधा डालना
4. गैरकानूनी जमावड़ा
5. दंगा भड़काना और हिंसा फैलाना
6. सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाना
7. आम नागरिकों व पुलिस बलों की जान जोखिम में डालना

129 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी हुए घायल

20 जुलाई को हुई इस हिंसक झड़प में कुल 129 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. फिलहाल दिल्ली पुलिस FRS (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) और सीसीटीवी कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है, ताकि इस साजिश में शामिल सभी मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

Bureau Report

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