कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है. खरने ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुआ आरोप लगाया कि सरकार की ओर से सरकारी पदों को खाली छोड़कर अप्रत्यक्ष रूप से आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की जा रही है.
दरअसल, हाल में ही नीति आयोग की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें अनुमान जताया गया है कि 15 से 29 वर्ष की आयु के 8.7 करोड़ युवा भारतीय न तो शिक्षा, न रोजगार और न ही प्रशिक्षण में हैं. इनमें से लगभग 88% घरेलू कामों में लगे हुए हैं. इन्हीं रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए खरगे ने दावा किया कि सरकारी पदों को खाली रखें, तो आरक्षण का अवसर समाप्त हो जाएगा.
खरगे का सरकार पर निशाना
मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पोस्ट में लिखा कि संविधान में संशोधन करना जरूरी नहीं है – सिर्फ आरक्षण वाली नौकरियों को खत्म करना ही काफी है. इसके अलावा उन्होंने अपने पोस्ट में देश के अलग-अलग विभागों में रिक्त पदों का विवरण भी दिया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख रिक्त पद थे.
आगे लिखा कि 2024 तक यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई है. रेलवे में 2.40 लाख रिक्त पद हैं. रक्षा मंत्रालय में 2.41 लाख. गृह मंत्रालय में 1.10 लाख. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां समाप्त कर दी गई हैं. संविदा कर्मचारियों का हिस्सा 19% से बढ़कर 49% हो गया है.
आरक्षण समाप्त करने का लगाया आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकारी पदों को खाली रखें, तो आरक्षण का अवसर समाप्त हो जाएगा. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेच दें, तो आरक्षित नौकरियां समाप्त हो जाएंगी. स्थायी नौकरियों को संविदा में बदल दें, तो आरक्षण समाप्त हो जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार युवा भारत के शिक्षा से लेकर रोजगार तक के पूरे रास्ते को पूरी तरीके से बर्बाद कर रही है.
खरगे ने पूछे तीन सवाल
कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुल तीन सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मेरे तीन सवाल है, जिसमें पहला पहला, स्नातक होने के बाद नौकरियां कहां हैं? खरगे ने दावा किया कि 20 से 29 वर्ष की आयु के बेरोजगार भारतीयों में स्नातकों की संख्या 67% है, जबकि 15 से 25 वर्ष की आयु के स्नातकों में बेरोजगारी दर लगभग 40% है.
इसके बाद उन्होंने अपना दूसरा सवाल किया कि हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने के वादे का क्या हुआ? इसके अलावा उन्होंने आगे पूछा कि भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को जनसांख्यिकीय आपदा में कौन बदल रहा है?
Bureau Report
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