इजरायल और ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरख रुख का असर सोने की कीमत पर देखा जा रहा है. आमतौर पर जंग के हालात में सोने की कीमत में तेजी देखी जाती है. लेकिन ईरान वार के बीच सेफ हेवन की उम्मीद टूटने से गोल्ड के दाम में जबरदस्त गिरावट देखी गई. लेकिन अब बुधवार (1 अप्रैल) को सोने की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी देखी जा रही है. दूसरी तरफ चांदी के दाम 1% टूट गए. निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग से चांदी पर दबाव पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में रही जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद से निवेशकों का मूड सुधरा है. इसका असर सोने के दाम में तेजी के रूप में देखा जा रहा है. कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है. बुलियन मार्केट में आज सुबह सोने के दाम में 720 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी देखी गई और यह चढ़कर 151,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. चांदी के दाम में शुरुआती गिरावट के बाद हल्की रिकवरी देखी जा रही है. एक किलो चांदी का रेट 1490 रुपये की गिरावट के साथ 240,680 रुपये पर पहुंच गया.
इंटरनेशनल मार्केट में मजबूत हुआ सोना
इससे पहले इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना मजबूत रहा. यह 1.2% के उछाल के साथ 4,700 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. कल ही सोना 3.5% चढ़ चुका था. स्पॉट गोल्ड 0.6% ऊपर 4,695.67 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था. दूसरी तरफ चांदी को लाल निशान के साथ कारोबार करते देखा गया और यह 0.9% गिरकर 74.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. आइए जानते हैं सोने की कीमत में तेजी का कारण-
ट्रंप का नरमी का संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ जंग को अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म कर सकता है. उन्होंने इशारा दिया कि अमेरिका अपने मुख्य सैन्य लक्ष्य को हासिल कर चुका है. ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का काम दूसरों को सौंपा जा सकता है. दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि यदि उनकी शर्तों को मान लिया गया तो वे जंग खत्म करने के लिए तैयार हैं. इससे भी ग्लोबल टेंशन में कमी आई है.
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
जंग के बीच तनाव कम होने से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कुछ गिर गया. कमजोर डॉलर से आमतौर पर सोने और चांदी को फायदा होता है. बाकी मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए ये सस्ते पड़ते हैं. दूसरी तरफ निवेशकों को उम्मीद है कि जंग से होने वाली महंगाई के लिए केंद्रीय बैंक ज्यादा ब्याज दर नहीं बढ़ाएंगे. इसके बजाय ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी कहा कि लंबे समय की महंगाई उम्मीदें कंट्रोल में हैं. कम ब्याज दर की उम्मीद से भी सोने में तेजी देखी जा रही है.
Bureau Report
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