अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अब तक गोते लगा रहा सोना इस हफ्ते की शुरुआत से ही चमक उठा है. सोमवार के बाद मंगलवार को सोने में तूफानी तेजी लौटी है. सोने-चांदी दोनों की कीमत में बड़ा उछाल आया है. सोना दो दिन में 2200 रुपये चढ़ गया, तो चांदी 6100 रुपये महंगी हो चुकी है.
फरवरी से लेकर अब तक सोना 36000 रुपये गिर चुका था, चांदी 1.66 लाख सस्ती हो चुकी थी, लेकिन अचानक दोनों ही कीमती धातुओं ने यूटर्न ले लिया है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि सोना-चांदी दोनों की गिरावट में ब्रेक लग गया? क्या ये तेजी अब बरकरार रहने वाली है? दीवाली 2026 तक सोने की कीमत कहां तक जाएगी? साल 2026 में सोना सस्ता होगा या महंगा? तमाम सवालों के जवाब जानते हैं…
21 जुलाई को कितना महंगा हुआ सोना-चांदी ?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक 21 जुलाई को सोने-चांदी की कीमत कुछ इस तरह से हैं. 1 किलो चांदी की कीमत 3159 रुपये चढ़कर 2.23 लाख रुपये पर पहुंच गई है. वहीं 10 ग्राम सोना आज 1,150 रुपये महंगा होकर 1.43 लाख रुपये के पार चला गया.
24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत आज 1,43,404 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट शुद्धता वाला सोना आज 1,31,358 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
18 कैरेट वाले सोने की कीमत आज 1,07,553 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई.
14 कैरेट शुद्धता वाला सोना आज 83,892 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा.
जबकि चांदी की कीमत आज चढ़कर 222734 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.
अब तक कितना चढ़ा सोना-चांदी
अगर साल 2026 में सोने-चांदी की कीमत की तुलना करें तो दिसंबर 2025 के बाद से अब तक सोना 10000 रुपये चढ़ चुका है. हालांकि सोना अपने ऑल टाइम हाई से अभी भी करीब 36000 रुपये सस्ता है. दरअसल 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपये थी. आज वो सोना 1.43 लाख रुपये पर पहुंच चुका है. जबकि 29 जनवरी 2026 को सोना अपने ऑल टाइम हाई रेट 1.79 लाख रुपये पर पहुंच गया था. इस हिसाब से देखें तो सोना अभी अपने उच्चतम मूल्य से 36000 रुपये सस्ता है.
चांदी सस्ती हुई या मंहगी?
चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब करीब 7000 रुपये गिरकर 2.23 लाख रुपए पर आ चुकी है. जबकि 29 जनवरी को 1 किलो चांदी 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई रेट पर बिक रहा था. यानी ऑल टाइम हाई वैल्यू से चांदी 1.66 लाख रुपये सस्ती है.
अब तक कितना गिरा सोने-चांदी का भाव ?
खाड़ी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से सोने की कीमत में बड़ी गिरावट ला दी. बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के चलते सोने की मांग में भारी गिरावट आई और सोना सस्ता होता चला गया. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के अनुमान के चलते निवेशक सेफ हेवन गोल्ड की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं.
दिवाली 2026 में सोना सस्ता होगा या महंगा ?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स की माने तो हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में कोई बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है. अगर हालात बहुत बिगड़े, फिर भी सोना 5 फीसदी से अधिक नहीं गिरने वाला है. बाजार जानकारों की माने, तो अगर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शांत होता है, भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो घरेलू बाजार में सोना चढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकता है. अगर खाड़ी युद्ध शांत नहीं हुआ और तनाव बढ़ता रहा, तो कीमतें 1.35 लाख रुपये से 1.45 लाख रुपये के दायरे में ही घूमती रह सकती है. मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया की माने, तो इस साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है.
बीते दो दिन से क्यों चढ़ने लगा है सोना का रेट?
सोने की कीमत पर कई फैक्टर्स का असर पड़ता है. सबसे ज्यादा असर अमेरिका-ईरान युद्ध के ताजा अपडेट का दिखा है. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद बढ़ रही है. अमेरिका और ईरान दोनों ने कहा है कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं. अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुई कूटनीतिक कोशिशों के चलते ही आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिला है. इसी खबर ने सोने की मांग बढ़ा दी. निवेशक गिरते बाजार के बीच मार्केट से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड में पैसा लगाने लगे हैं.
हालांकि निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई, क्योंकि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की धमकी दी है. अगर तनाव बढ़ा, तो कच्चे तेल की कीमतों पर असर दिख सकता है. ऐसे में सोने में वेट एंड वॉच वाली स्थिति बनी हुई है.
Bureau Report
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