अक्सर जुर्म के बाद अपराधी छिपने का प्रयास करता है ताकि पुलिस और कानून की निगाह से बच सके. लेकिन क्या ऐसा देखा है कि कोई अपराधी आजीवन कारावास की कैद होने और पैरोल जंप करके भागने के बाद कैमरे के सामने एक्टिंग की दुनिया में नाम भी कमा ले और किसी की नजर में भी नहीं आए? इस तरह का अनोखा मामला अहमदाबाद से सामने आया है जहां बुधवार को पुलिस ने हेमंत नगीनदास मोदी (53) को एक किराए के घर से अरेस्ट किया.
हेमंत की हिम्मत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपने लुक और पहचान को छिपाकर पिछले 12 साल में मुंबई की मायानगरी में खूब फिल्में और टीवी शोज किए. अमिताभ बच्चन और आमिर खान अभिनीत ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’, रणवीर सिंह अभिनीत ‘जयेशभाई जोरदार’, कोंकणा सेन शर्मा और पंकज त्रिपाठी अभिनीत ‘मेट्रो इन दिनो’, सनी देओल और विक्की कौशल अभिनीत ‘लाहौर 1947’ और मोहनलाल एवं पृथ्वीराज अभिनीत बड़े बजट की मलयालम फिल्म ‘एल2: एम्पुरान’ शामिल हैं. फिल्म जगत में हेमंत ने अपनी पहचान स्पंदन मोदी उर्फ ट्विंकल दवे के रूप में स्थापित की.
फ्लैशबैक में कहानी
2005 में गुजरात के नरोदा में पड़ोसी के साथ हिंसक झड़प में एक शख्स नरेंद्र कांबले का कत्ल हो गया. उस मामले में हेमंत और छह अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया. 2008 में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सजा के बाद पहले उसे साबरमती जेल में रखा गया था. बाद में मेहसाणा जेल में ट्रांसफर कर दिया गया. सजा मिलने के छह साल बाद 2014 में गुजरात हाई कोर्ट ने उसको 30 दिनों की पैरोल दी थी. बस फिर क्या था, मौके की तलाश में बैठा हेमंत पैरोल की अवधि खत्म होने के बावजूद जेल नहीं लौटा.
वह गायब हो गया और गुजरात के पाटन में छिप गया. उसने पहचान और लुक पूरी तरह बदल लिया. पुलिस की नजर से बचने के लिए वह लगातार पेइंग गेस्ट में रहता और अपनी लोकेशन बदलता रहता. उसने थिएटर में काम करना शुरू किया और बाद में मुंबई के मनोरंजन उद्योग में अपना करियर बनाया. वहां उसने एक सक्रिय और चर्चित छवि बनाए रखी. उसने सहायक एक्टर के अलावा हिंदी और गुजराती टीवी सीरियल भी किए. उसने पूरी तरह अपनी पुरानी लाइफ से संपर्क तोड़ दिया.
12 साल बाद जब उसको पूरी तरह ये भरोसा हो गया कि अब वह सबकी नजर के सामने है लेकिन उसको पकड़ नहीं सकता तो वह फिर गुजरात के अहमदाबाद में लौटा. इस दौरान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को इंटेलीजेंस सूचना मिली कि पुलिस रिकॉर्ड में जिस अपराधी का नाम भगोड़े की लिस्ट में दर्ज है, वो अहमदाबाद के एक किराए के घर में मौजूद है. पुलिस ने पुराने अदालती और जेल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर उस पते पर छापा मारा और इस तरह 12 साल बाद हेमंत को फिर से अरेस्ट कर लिया गया.
Bureau Report
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