बांद्रा में मस्जिद पर चला बुलडोजर तो, भड़का बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; कई लोग गिरफ्तार

बांद्रा में मस्जिद पर चला बुलडोजर तो, भड़का बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; कई लोग गिरफ्तार

मुंबई के बांद्रा पूर्व में मौजूद गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान 20 मई को एक मस्जिद के हिस्से को गिराए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा.

दरअसल, पश्चिम रेलवे द्वारा कोर्ट के आदेश के तहत बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण को हटाया जा रहा था. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गरीब नगर की जमीन भविष्य की रेलवे परियोजनाओं के लिए जरूरी है. यहां रेलवे विस्तार, अतिरिक्त स्टेबलिंग लाइन, इंटीग्रेटेड रेलवे कॉम्प्लेक्स और अन्य विकास कार्य प्रस्तावित हैं. अभियान के तहत कुल 500 अवैध निर्माणों को हटाया जाना है, जिनमें से अब तक लगभग 300 घरों और अन्य स्ट्रक्चर को गिराया जा चुका है. रेलवे के अनुसार, अब तक करीब 60 फीसद कार्रवाई पूरी हो चुकी है.

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
गौरतलब है कि बुधवार शाम करीब 5 बजे कार्रवाई के दौरान जब एक मस्जिद के हिस्से को तोड़ा गया तो इलाके में तनाव बढ़ गया. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर, पानी की बाल्टियां और बर्तन फेंके. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने और हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया. बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज की स्थिति करीब चार बार बनी. इस पूरे अभियान के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस को किया गया था तैनात
अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर कुल 1200 सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी मौजूद थे. इनमें RPF के 250 जवान, जीआरपी के 200 कर्मी, मुंबई पुलिस के 500 जवान और रेलवे के विभिन्न विभागों के करीब 250 कर्मचारी शामिल थे. हंगामे के दौरान सात पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने दंगाई गतिविधियों में शामिल कुछ युवकों और महिलाओं को हिरासत में भी लिया है.  वहीं इलाके में कई महिलाओं और बुजुर्गों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस करती और विरोध करती नजर आईं. पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि लोगों को पहले ही घर खाली करने का समय दिया गया था ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने बताया कि विस्थापित लोगों के लिए पीने के पानी और भोजन के पैकेट जैसी प्राथमिक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है.

Bureau Report

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