दिग्गज एयरलाइन एयर इंडिया भारी घाटे से जूझ रही है. इसका असर एयरलाइंस कर्मचारियों की बुनियादी सुविधा पर देखा जा रहा है. एयरलाइंस ने खर्चों में कटौती करने के लिए ऐसा कदम उठाया है, जिसकी जमीन से लेकर आसमान तक चर्चा हो रही है. एयर इंडिया ने अपने फ्लाइट क्रू को बताया कि आने वाली 1 जुलाई 2026 से इंटरनेशनल फ्लाइट के दौरान विदेशों में रुकने पर मिलने वाली फ्री लॉन्ड्री यानी कपड़े धोने की सुविधा बंद कर दी जाएगी. हालांकि, देश में रुकने पर यह सुविधा पहले की ही तरह मिलती रहेगी.
अभी तक पायलट और केबिन क्रू विदेशी होटल में रुकने के दौरान अपनी यूनिफॉर्म लॉन्ड्री के लिए देते थे. इसका मकसद अगली उड़ान के दौरान एकदम साफ-सुथरे और तरोताजा दिखना होता था. एयरलाइंस की तरफ से विदेशी होटल में यह सुविधा इसलिए दी जाती है क्योंकि वे एयरपोर्ट पर अपनी एयरलाइन के ब्रांड एंबेसडर होते हैं. इसलिए उनका साफ-सुथरे कपड़ों में रहना जरूरी होता है. पिछले फाइनेंशियल ईयर के दौरान एयर इंडिया को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ था.
हर छोटे-बड़े खर्च की जांच कर रही एयरलाइन
एयरलाइन भारी घाटे को कम करने के लिए हर छोटे-बड़े खर्च की जांच कर रही है. इंटरनेशनल लॉन्ड्री फैसिलिटी को रोका जाना इसी के तहत उठाया गया कदम है. पायलटों को भेजे गए ईमेल में मैनेजमेंट ने माना कि यह क्रू के लिए लंबे समय से चली आ रही सुविधा में बड़ा बदलाव है. इससे तालमेल बनाने में कर्मचारियों को कुछ समय लग सकता है. कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में बताया गया कि होटल के कमरों में प्रेस (आयरन) और आयरनिंग बोर्ड रखवाने की व्यवस्था की गई है.
लिंक से मांग सकते हैं एक्सट्रा यूनिफॉर्म
इसके अलावा, ई-मेल में यह भी बताया गया कि जिन क्रू मेंबर्स को लगता है कि उन्हें एक्सट्रा यूनिफॉर्म की जरूरत है, वे लिंक के जरिये रिक्वेस्ट कर सकते हैं. इस सबके बीच एयरलाइन ने फ्लाइट डायवर्जन या इंटरनेशनल स्टेशनों पर सिम्युलेटर और ट्रेनिंग ड्यूटी के दौरान लॉन्ड्री फैसेलिटी जारी रखने की छूट दी है. मैनेजमेंट के नए फैसले ने एयर इंडिया क्रू मेंबर्स में नाराजगी है. कई कर्मचारियों ने एयर इंडिया के इस फैसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि विदेश जाने वाली फ्लाइट में उन्हें कपड़े धोने और सुखाने के लिए अपने साथ बाल्टी, वाशिंग पाउडर और कपड़े सुखाने वाली रस्सी लेकर जाना पड़ेगा.
…इस तरह कटौती से वर्ल्ड क्लास नहीं बनेगा ‘महाराजा’
कर्मचारियों का मानना है कि खर्च बचाने के नाम पर उठाए जा रहे इस तरह के कदम से कंपनी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है. एक सीनियर क्रू मेंबर ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि एयर इंडिया को जो भी चला रहा है, उसे यह देखना चाहिए कि वास्तव में चीजें कहां गलत हो रही हैं? ‘इंटरनेशनल लॉन्ड्री में कटौती’ जैसी योजनाएं जाने से ‘महाराजा’ जल्द वर्ल्ड क्लास नहीं बन जाएगा.
Bureau Report
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