राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट की बैठक के बाद संतों की चौपाल, ट्रस्ट भंग करने और गोविंद देव गिरि के इस्तीफे की उठी मांग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट की बैठक के बाद संतों की चौपाल, ट्रस्ट भंग करने और गोविंद देव गिरि के इस्तीफे की उठी मांग

आज अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है. पहले यह बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अंतिम समय में स्थान बदलकर इसे श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित वैदेही पुष्प वाटिका गेस्ट हाउस में कर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि गोपनीयता बनाए रखने और मीडिया से दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. दोपहर तीन बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और ट्रस्टी अनिल मिश्रा समेत सभी सदस्य शामिल होंगे.

बैठक के केंद्र में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो मंदिर के दान में धांधली में शामिल थे. हालांकि, अब जांच का दायरा काफी विस्तृत हो गया है. पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब यह पता लगाने में जुटी है कि दान में चोरी की यह घटना क्या सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों की साजिश थी या इसमें कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर भी मिलीभगत या घोर लापरवाही शामिल है.

कोषाध्यक्ष पर उठते गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज चर्चा के केंद्र में हैं. चूंकि मंदिर के कोष का प्रबंधन, दान की पारदर्शी प्रक्रिया और आभूषणों की सुरक्षा की सीधी जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष की होती है, इसलिए उन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं.  हाल ही में मीडिया में उनके पुणे स्थित निजी आवास को लेकर भी चर्चाएं तेज हुई हैं, जिससे सार्वजनिक रूप से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. कहा जा रहा है कि SIT अब स्वामी गोविंद देव गिरि से वित्तीय लेनदेन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूछताछ कर सकती है. इसके अलावा, बैठक में महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है.

साधु-संतों का आक्रोश और भविष्य की राह
मंदिर के भीतर दान की सुरक्षा पर उठे इन गंभीर सवालों ने अयोध्या के साधु-संतों को आंदोलित कर दिया है. बैठक के बाद संतों की एक चौपाल का भी आयोजन किया गया है. साधु-संतों का एक बड़ा वर्ग खुलकर ट्रस्ट को भंग करने की मांग कर रहा है. उनकी प्रमुख मांग है कि स्वामी गोविंद देव गिरि को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.  संतों का तर्क है कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को जगह मिलनी चाहिए जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में संघर्ष किया है और जिनकी विश्वसनीयता पर कोई दाग न हो. आज की यह बैठक न केवल ट्रस्ट के भविष्य, बल्कि मंदिर प्रबंधन की विश्वसनीयता के लिए भी एक बड़ी परीक्षा है.

Bureau Report

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