पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के रावलकोट में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. यहां बुनियादी अधिकारों और चुनाव के बहिष्कार को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें अब तक 19 बेगुनाह युवाओं की मौत की खबर है, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
पाकिस्तानी रेंजर्स ने 28 जुलाई यानी आज सुबह-सुबह रावलकोट में जमा हुए नागरिकों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की. ये लोग ड्रेक ईदगाह और चिनार चौक इलाके में हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए थे.
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तानी सेना, पंजाब रेंजर्स और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले ही नहीं दागे, बल्कि कई जगहों पर स्नाइपर्स तैनात कर असली गोलियों का इस्तेमाल किया. अब तक हमारे 19 साथी शहीद हुए हैं. कमेटी की तरफ से मारे गए 19 लोगों की लिस्ट भी जारी की गई है.
सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में चारों तरफ गोलीबारी की आवाजें और अफरा-तफरी का माहौल देखा जा सकता है. वीडियो रिकॉर्ड कर रहे एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘गोलीबारी अभी भी जारी है. खुदा की कसम, ऐसा लग रहा है जैसे हम फिलिस्तीन में हैं. इन्होंने यहां बेहद ख़ौफ़नाक हालात पैदा कर दिए हैं.’
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, ‘वे हमारे ही टैक्स के पैसे से गोलियां खरीदते हैं और उन्हीं गोलियों से हमारे बेगुनाह भाइयों का कत्ल कर रहे हैं.’
बिजली, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हिंसा को दबाने और मौतों की खबर बाहर फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने रावलकोट में इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ठप कर दी है. मोबाइल कनेक्टिविटी और बिजली सप्लाई पूरी तरह काट दी गई. इसके बावजूद, आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है.
पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बीते डेढ़ महीने में ताकत के दम पर पीओके में प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश की है. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने 26-27 जुलाई को दो-दिवसीय विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी.
आखिर क्यों भड़का है PoK में यह जनआंदोलन?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कुछ समय से हालात बेहद खराब हैं. विधानसभा में शरणार्थियों की सीटों के आरक्षण को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े जन-आंदोलन में बदल चुका है. स्थानीय लोग पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हो रहा यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से इन मांगों को लेकर है.
1. महंगाई और भारी बिजली बिल
बिजली के आसमान छूते दामों और बेतहाशा बढ़ती महंगाई पर तुरंत लगाम लगाई जाए.
2. बुनियादी सुविधाएं
अस्पतालों में इलाज, अच्छी सड़कें और सस्ती राशन व्यवस्था जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी की जाएं.
3. शरणार्थी सीटों का आरक्षण खत्म हो
PoK की विधानसभा में शरणार्थियों के नाम पर आरक्षित रखी गई सीटों को पूरी तरह खत्म किया जाए.
4. संसाधनों की लूट पर रोक
स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल बंद किया जाए और लोगों को उनका वाजिब हक़ व प्रतिनिधित्व दिया जाए.
Bureau Report
Leave a Reply