आज महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंचेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’, अब केवल 35 रुपये KG मिलेगा प्याज; बढ़ती कीमतों के बीच मिलेगी राहत

आज महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंचेगी 'कांदा एक्सप्रेस', अब केवल 35 रुपये KG मिलेगा प्याज; बढ़ती कीमतों के बीच मिलेगी राहत

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को रोकने और आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में सरकार की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है. महाराष्ट्र के नासिक से  खास रेलवे रैक कांदा एक्सप्रेस रवाना हो गई है, जो मंगलवार (25 अगस्त) को दिल्ली पहुंचेगी. इसके बाद देश के अन्य बड़े शहरों में बुधवार से प्याज की आपूर्ति उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. 

दरअसल, कांदा एक्सप्रेस के पहुंचने के बाद केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, गुवाहाटी और कोलकाता में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जाएगा. उपभोक्ता मंत्रालय के सचिव निधि खरे की ओर से बताया गया कि कांदा एक्सप्रेस से आपूर्ति के बाद विभाग स्थिति को नियंत्रित करेगा, जिससे खुदरा प्याज की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि आम लोगों तक ये प्याज पहले के जैसे नैफेड, एसीसीएफ स्टॉल और मोबाइल वाहनों की मदद से पहुंचाए जाएंगे. 

देश में प्याज का पर्याप्त भंडार 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपभोक्ता मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में प्याज की आर्टिफिशियल किल्लत बनाई जा रही है. ऐसी स्थितियों पर निगरानी भी रखी जा रही है. प्याज का मौजूदा भंडार त्योहारी सीजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है.  इस कारण लोगों को त्योहारों में प्याज की मार नहीं झेलनी पड़ेगी. मानक बताते हैं कि देश को प्रतिदिन औसत 45 हजार टन प्याज की आवश्यता होती. इससे स्पष्ट है कि प्रतिवर्ष देश को 1.6 से 1.7 करोड़ टन प्याज की जरूरत है. 

अचानक बढ़ी प्याज की कीमतें 

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में देश में प्याज की कीमतें काफी बढ़ी हैं. दिल्ली में गत सोमवार को प्याज की खुदरा कीमत 55 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गई. हालांकि, पिछले साल इस सीजन में ये कीमत 30 रुपये प्रतिकिलो के आसपास थीं. कोलकाता में प्याज की कीमतें 53 रुपये, तो चेन्नई में प्याज की कीमत 60 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई.  

गेहूं के निर्यात से भी रोक हटी 

उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से बताया गया कि केंद्र की ओर से गेहूं और उससे जुड़े विभिन्न उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. नए नियमों के बाद ड्यूरम किस्म सहित सभी प्रकार के गेहूं का निर्यात आसानी से हो सकेगा. डीजीएफटी की ओर से जारी की गई अधिसूचना में ये जानकारी दी गई है. 

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