महाराष्ट्र के अमरावती से एक दुखद घटना सामने आई है. यहां सोमवार (24 अगस्त) तड़के सुबह करीब 3.30 बजे महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बने ‘सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट’ (SNCU) में भीषण आग भड़क उठी. बताया जा रहा है कि वेंटिलेटर में ब्लास्ट के कारण ये आग लगी है. आग में झुलसकर तीन नवजातों की मौत हो गई. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया.
दरअसल, SNCU में सामान्य तौर पर 50 से 60 नवजात भर्ती रहते हैं, जिनमें समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार बच्चे शामिल होते हैं. आग लगने के तुरंत बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्चों को बाहर सुरक्षित रूप से निकालना शुरू कर दिया. इसके कुछ समय बाद दमकल कर्मी भी पहुंचे. नवजातों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
सुबह साढ़े तीन बजे आग लगने से हड़कंप
देर रात आग लगने के कारण पूरे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. ये घटना किस कारण हुई, इसको लेकर जांच की जा रही है. शुरुआती जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है. हालांकि, इसकी पुष्टि अधिकारियों की ओर से अभी नहीं की गई है.
आग लगने के तुरंत बाद कर्मचारियों ने तुरंत नवजातों को यूनिट से बाहर निकालना शुरू कर दिया. बावजूद इसके घटना में कम से कम तीन नवजातों की जान चली गई. ये बच्चे यूनिट में भर्ती थे. घटना में घायल कुछ बच्चों को इलाज के लिए डिविजलन रेफरल अस्पताल भेजा गया है. बताया गया कि इनमें से चार का उपचार चल रहा है, जिनमें एक की हालत गंभीर है.
वेंटिलेटर के फटने से हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी में बताया जा रहा है कि ये घटना उस वक्त हुई, जब अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगे वेंटिलेटर में ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद पूरे वार्ड में आग फैल गई. घटना में 3 शिशुओं की मौके पर ही मौत हो गई और कुछ घायल हो गए. आग लगने की शुरुआती वजह शार्ट सर्किट माना जा रहा था. हालांकि, बाद में यह क्लियर हुआ कि वेंटिलेटर ब्लास्ट होने से ये हादसा हुआ था.
सीएम फडणवीस ने जताया दुख
अमरावती हादसे पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमरावती के जिला महिला अस्पताल में कल रात लगी आग में तीन बच्चों की मौत की घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है. हम उनके परिवारों के दुख में सहभागी हैं. इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश स्वास्थ्य प्रशासन को दिए गए हैं.
पीड़ित के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री और सचिव, दोनों को आज ही अमरावती जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं. मृत बच्चों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. घायल बच्चों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने के निर्देश भी अमरावती के जिलाधिकारी को दिए गए हैं.
चिकित्सक ने क्या बताया?
घटना के बाद बच्चों का उपचार कर रहे जिला सिविल सर्जन डॉ. विनोज पवार ने कहा कि कुछ बच्चों को PDMC अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले की पूरी जांच के बाद ही आग लगने की पूरी जानकारी और वजह साफ हो सकेगी. घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब हाल ही देश के कई शहरों में होटलों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें दो दर्ज से अधिक लोगों की जान गई. सवाल खड़ा होता है कि आखिर इन घटनाओं से सबक लेने की बजाए प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे क्यों खड़े हैं. अस्पताल में आग लगने की घटना ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रशासन घटना के बाद जागता है.
Bureau Report
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