मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के 12 में से 8 विधायक बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए. इसके साथ ही मेघालय विधानसभा में भाजपा की ताकत 10 विधायकों की हो गई है और वह नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा सांसद संबित पात्रा, मेघालय भाजपा अध्यक्ष और राज्य प्रभारी अनिल एंटनी की मौजूदगी में सभी आठ विधायकों ने आधिकारिक तौर पर पार्टी का दामन थामा. भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में मेघालय के कैबिनेट मंत्री लखमेन रिम्बुई, पियस मारवेन, खलीहियात से विधायक किर्मेन श्यल्ला, मायरालबोर्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर लिंगदोह थबाह शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि इससे पहले इन विधायकों ने खलीहियात विधायक किर्मेन श्यल्ला की अगुआई में बीजेपी आलाकमान से मुलाकात की थी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले थे. इससे पहले 12 सितंबर को पूर्व विधायक और यूडीपी के सीनियर नेता डॉ. जेमिनो मावथोह भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिसके बाद से ही यूडीपी में टूट के कयास लगाए जा रहे थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘मेघालय के लोकप्रिय विधायक बुधवार को भाजपा परिवार में शामिल हो रहे हैं. यह न केवल पूर्वोत्तर के लिए बल्कि देश के लिए भी एक बहुत ही अहम राजनीतिक घटनाक्रम है. मैं सभी आठ चुने हुए विधायकों का पूरे दिल से स्वागत करता हूं.’
रिजिजू ने कहा कि ये सभी विधायक एक प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी यूडीपी से जुड़े थे, लेकिन पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में पूर्वोत्तर और मेघालय में हुई प्रगति को देखते हुए वे प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा ने पूर्वोत्तर में विकास की राजनीति को बदला है और पीएम मोदी का लोगों से गहरा जुड़ाव है, उसी से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है.
‘अचानक नहीं लिया फैसला’
वहीं, मेघालय कैबिनेट मंत्री लखमेन रिम्बुई ने बुधवार को कहा कि UDP के आठ विधायकों का BJP में शामिल होने का फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत के बाद यह कदम उठाया गया. रिम्बुई ने कहा, ‘आज हम सभी के लिए, खासकर उन आठ विधायकों के लिए बहुत अहम दिन है जो आज BJP में शामिल हो रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री का बहुत आभारी हूं. उनके नेतृत्व में हमने देश में बदलाव देखा है.’
उन्होंने कहा कि इस कदम पर कुछ समय से बातचीत चल रही थी और यह विधायकों की उम्मीदों के साथ-साथ उन मुद्दों से भी जुड़ा था, जिनके लिए केंद्र से मदद की जरूरत थी. उन्होंने कहा, ‘यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है. इस पर काफी समय से बातचीत चल रही थी.’ उन्होंने आगे कहा कि कई युवा विधायक समाज में योगदान देना चाहते हैं और मेघालय से जुड़े मुद्दों को हल करना चाहते हैं.
रिम्बुई ने BJP के केंद्रीय आलाकमान के साथ चर्चा किए गए चार अहम मुद्दों का जिक्र किया. इसमें संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो भाषाओं को शामिल करना, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA) में संशोधन, मेघालय में कोयला खनन की प्रक्रियाओं को आसान बनाना और राज्य का सीमा विवाद शामिल है.
Bureau Report
Leave a Reply