रेलवे का कमाल, बुलेट ट्रेन से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस ने पकड़ी 180 किमी/घंटे की रफ्तार, राजधानी-शताब्दी को कड़ी टक्कर

रेलवे का कमाल, बुलेट ट्रेन से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस ने पकड़ी 180 किमी/घंटे की रफ्तार, राजधानी-शताब्दी को कड़ी टक्कर

भारतीय रेलवे की सबसे पॉपुलर ट्रेन वंदे भारत ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर ली है. देश की सबसे लग्जरी ट्रेनों में से एक वंदे भारत चेयर कार ट्रेन ने ट्रायल रन में 180 kmph की स्पीड पूरी कर ली.वेस्टर्न रेलवे के नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत ट्रेन ने अधिकतम स्पीड हासिल की. 

वंदे भारत की 180 किमी/घंटे की रफ्तार

ट्रेन को फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट मिलने से पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने इस ट्रायल रन को पूरा किया है. उत्तर प्रदेश के रायबरेली के मॉर्डन कोच फैक्ट्री में बनी इस वंदे भारत चेयर कार रेक को अभी कई और टेक्निकल ट्रायल से गुजरना होगा. इन ट्रायल रकन के दौरान ट्रेन की परफॉर्मेंस देखी जाती है, उसकी राइडिंग क्विलिटी, स्टेबिलिटी, सेफ्टी के कई पैरामीटर चेक किए जाते हैं. 

अभी और ट्रायल रन बाकी  

180 किमी की रफ्तार का टेस्ट रन पास करने का ये मतलब नहीं है कि ट्रेन पटरी पर यात्रियों के लिए दौड़ने लगेगी. इस ट्रेन को फाइनल तौर पर रन करवाने से पहले कई और ट्रायल पूरे करने होंगे. ऑसिलेशन ट्रायल, कपलर फोर्स, इमरजेंसी ब्रेकिंग ट्रायल जैसे कई चरण पूरे करने होंगे. लोडेड ऑसिलेशन टेस्ट के बाद ट्रेन को इन टेस्ट को पास करना होगा.  

वंदे भारत की हाई डिमांड और सेफ्टी  

भारत में वंदे भारत ट्रेनों की लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ी है. देशभर में 162-164 वंदे भारत अलग-अलग रुटों पर दौड़ रही हैं. साल 2047 तक देशभर में 4500 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ाने की तैयारी की जा रही है. वर्तमान में ये देश की सबसे हाई स्पीड ट्रेन हैं, जो अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है, हालांकि इसकी वास्तविक स्पीड 130 से 160 किमी प्रति घंटे की है. तेज रफ्तार और सेफ्टी के एडवांस फीचर्स की बदौलत इस ट्रेन की डिमांड खूब बढ़ रही है. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग-अलग राज्यों से रेलवे के पास इस ट्रेन को चलाने की मांग की जा रही है. 

स्वदेशी तकनीक से बना ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच, CCTV कैमरा, इमरजेंसी अलार्म पुश, टॉक बैक यूनिट, सेंट्रली कंट्रोल्ड ऑटोमैटिक प्लग डोर जैसे फीचर्स के साथ आरामदायक डिजाइन वाली सीटें , एग्जीक्यूटिव क्लास सीटिंग  , यूवी-स बेस्ड एयर  डिसइंफेक्शन सिस्टम इस ट्रेन की लोकप्रियता को बढ़ाती है. वंदे भारत ट्रेनों के आने के बाद से राजधानी , शताब्दी ट्रेनों को कड़ी टक्कर मिल रही है, IRCTC की तेजस एक्सप्रेस को इस ट्रेन की वजह से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. 

Bureau Report

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