स्पैम कॉल्स का खेल खत्म! TRAI का नया आदेश, पहली गलती पर 15 दिन आउटगोइंग बंद, दूसरी बार में 1 साल के लिए सिम होगी ब्लॉक

स्पैम कॉल्स का खेल खत्म! TRAI का नया आदेश, पहली गलती पर 15 दिन आउटगोइंग बंद, दूसरी बार में 1 साल के लिए सिम होगी ब्लॉक

क्या आप भी हर दिन पढ़ाई, कॉलेज की क्लास या गेमिंग के बीच आने वाले लोन, क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंस वाले फर्जी कॉल्स से इरिटेट हो चुके हैं? दिन में 10 बार बजने वाली यह स्पैम बेल हर किसी का दिमाग खराब कर देती है. लेकिन अब इस परेशानी का परमानेंट इलाज मिलने वाला है. देश में टेलीकॉम सेक्टर को कंट्रोल करने वाली एजेंसी TRAI ने स्पैम कॉल्स और मैसेज करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त एक्शन ले लिया है.

TRAI ने एक नया नोटिफिकेशन जारी करके सभी टेलीकॉम कंपनियों जैसे Jio, Airtel और Vi को साफ-साफ ऑर्डर दे दिया है कि वे AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके स्पैम कॉल्स को खुद ही ट्रैक करें. सबसे मजे की बात यह है कि अब आपको किसी फर्जी नंबर की कम्प्लेन करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. AI खुद ही स्पैमर को पकड़ेगा और कंपनी तुरंत उसका कनेक्शन काट देगी.

AI खुद ही पकड़ेगा स्पैमर्स को, यूजर को कम्प्लेन की जरूरत नहीं

अक्सर हम स्पैम कॉल्स से तंग आकर फोन काट देते हैं या उस नंबर को ब्लॉक कर देते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही उसकी ऑफिशियल शिकायत दर्ज कराते हैं. इसी बात का फायदा उठाकर स्पैम कॉल्स करने वाले लोग लगातार नए-नए नंबरों से कॉल करते रहते हैं.

लेकिन TRAI के नए थर्ड अमेंडमेंट रेगुलेशन के तहत अब पूरा सिस्टम बदल गया है. अब अगर किसी टेलीकॉम कंपनी का AI या मशीन लर्निंग सिस्टम किसी नंबर को ‘सस्पेक्टेड स्पैम’ की तरह पहचानता है, तो कंपनी को बिना किसी ग्राहक की शिकायत का इंतजार किए तुरंत एक्शन लेना होगा. यानी अब AI खुद ही आपका बॉडीगार्ड बनकर इन फर्जी कॉल्स को रोक देगा.

सिर्फ 2 घंटे के अंदर शुरू हो जाएगा एक्शन

TRAI के नए फ्रेमवर्क में टाइमलाइन को बहुत ही टाइट रखा गया है ताकि स्पैमर्स को भागने का मौका न मिले.

जैसे ही किसी नेटवर्क के AI सिस्टम को कोई संदिग्ध कॉल मिलेगी, उसे 2 घंटे के अंदर उस नेटवर्क को पूरी जानकारी देनी होगी जहां से वह कॉल ओरिजिनेट हुई है. इसके बाद जिस कंपनी का वह सिम होगा, उसे 1 वर्किंग डे के अंदर उस बंदे का KYC डेटा ढूंढकर बाकी सभी टेलीकॉम कंपनियों के साथ शेयर करना पड़ेगा.

इतना ही नहीं, सभी कंपनियां यह चेक करेंगी कि पिछले 10 दिनों में उस स्पैमर के KYC पर और कौन-कौन से सिम चालू किए गए हैं.

10 दिन में 5 बार पकड़े गए तो लगेगी तगड़ी क्लास

अगर जांच में पता चलता है कि किसी एक बंदे या कंपनी के KYC से जुड़े अलग-अलग नंबरों से पिछले 10 दिनों में 5 या उससे ज्यादा बार स्पैम कॉल्स की गई हैं, तो फिर उस पर भारी एक्शन लिया जाएगा. TRAI ने साफ कहा है कि ऐसे मामलों में केवल वही एक सिम बंद नहीं होगा जिससे कॉल की गई थी, बल्कि उस स्पैमर के नाम पर जितने भी फोन कनेक्शन होंगे, उन सभी पर तुरंत बैन लगा दिया जाएगा.

पहली गलती पर 15 दिन आउटगोइंग बंद, दूसरी बार में 1 साल का ब्लैकलिस्ट

TRAI ने पेनल्टी के रूल्स को इतना सख्त बना दिया है कि कोई भी स्पैम कॉल करने से पहले सौ बार सोचेगा. पहली बार पकड़े जाने पर: अगर AI सिस्टम पहली बार किसी को स्पैमिंग करते हुए पकड़ता है, तो उस बंदे के नाम पर जितने भी सिम या टेलीकॉम रिसोर्स होंगे, उन सबकी आउटगोइंग सर्विस को 15 दिनों के लिए पूरी तरह बैन कर दिया जाएगा.

दूसरी बार पकड़े जाने पर: अगर वह बंदा दोबारा वही हरकत करता है, तो उसके सारे सिम, PRI लाइन और इंटरनेट कनेक्शन 1 साल के लिए काट दिए जाएंगे. साथ ही उसे पूरे 1 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे वह 1 साल तक देश की किसी भी कंपनी से नया सिम नहीं खरीद पाएगा.

Truecaller जैसी ऐप्स पर भी लगा बड़ा ब्रेक

आजकल ज्यादातर यूथ अपने फोन में Truecaller या कॉलिंग मैनेजमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन TRAI के नए नियम ने इन ऐप्स के लिए भी एक गाइडलाइन जारी की है. अब Truecaller जैसी कोई भी ऐप सरकार या टेलीकॉम अथॉरिटी द्वारा तय किए गए स्पेशल नंबर सीरीज (जैसे 160 से शुरू होने वाले नंबर) को अपनी मर्जी से स्पैम या ब्लॉक टैग नहीं कर पाएगी. यह नंबर सीरीज सरकार और ऑफिशियल कमर्शियल कॉल्स के लिए रिजर्व रखी गई हैं. हालांकि, अगर कोई यूजर अपने पर्सनल फोन में खुद किसी नंबर को ब्लॉक करना चाहता है, तो उसके पास इसकी पूरी आजादी रहेगी.

फालतू प्रमोटेशनल कॉल्स रोकने के लिए भेजें यह SMS

अगर आप भी प्रोमोशनल कॉल्स और फालतू के ऑफर्स वाले मैसेजेस से पूरी तरह आजादी चाहते हैं, तो आपको एक छोटा सा काम करना होगा.

अब आपको अपने फोन से BLOCK PROMO लिखकर 1909 पर SMS भेजना होगा. ऐसा करते ही आपके नंबर पर हर तरह की कमर्शियल और प्रमोटेशनल कॉल्स पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएंगी. लेकिन ध्यान रहे, इससे आपकी बैंक की ओटीपी, ट्रांजैक्शनल मैसेजेस और सरकारी सूचनाएं बंद नहीं होंगी. वे आपके पास पहले की तरह सुरक्षित आती रहेंगी.

Bureau Report

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