हरियाणा के पंचकूला में देर रात पुलिस और दो कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है. इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले अर्शदीप सिंह और जगराज सिंह के रूप में हुई है. पुलिस को शक है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से ट्राइसिटी आए थे. हालांकि, उनका निशाना कौन था, ये अभी साफ नहीं हो पाया है.
ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे हुई मुठभेड़
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये घटना पंचकूला के सेक्टर-3 में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे सड़क पर हुई. ये इलाका सेक्टर-20 थाना क्षेत्र के अंदर आता है. पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवकों का सामना पुलिस से हो गया.
FIR के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस टीम पर 5 गोलियां चलाईं. इनमें से एक गोली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार के कान के पास से निकल गई. इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की और चार गोलियां चलाईं. इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में एक-एक गोली लगी. घायल होने के बाद पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया. ये कार्रवाई DCP क्राइम अमरिंदर सिंह की अगुवाई में पंचकूला पुलिस ने की.
गैंग से जुड़े होने का शक
FIR के अनुसार, दोनों आरोपी कथित तौर पर एक कुख्यात गैंग से जुड़े हुए हैं. पुलिस को आशंका है कि वे मोहाली, पंचकूला या चंडीगढ़ में किसी व्यक्ति पर हमला करने के इरादे से आए थे. हालांकि, पुलिस ने अभी तक कथित निशाने की पहचान और हमले की योजना को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं रखी है. जांच में ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को किसने भेजा था और ट्राइसिटी में उनके स्थानीय संपर्क कौन हैं.
दो अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध हथियार बरामद किए हैं. मामले में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. अब पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, हथियारों के स्रोत और गैंग से उनके कथित संबंधों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां साफ हो सकेगी.
Bureau Report
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