राज्य स्तरीय ‘पुलिस स्मृति दिवस-2026’ के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस दौरान परेड की सलामी लेने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में सुरक्षा का नया वातावरण बना है. उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस के 9 अधिकारियों-कर्मचारियों को नमन किया. कार्यक्रम में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल की महिला-पुरुष प्लाटून, होमगार्ड प्लाटून, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल और श्वान दल की टुकड़ियों ने भाग लिया. पुलिस बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश ने लगभग 35 वर्षों से चले आ रहे नक्सलवाद के दंश पर पूरी तरह से विजय प्राप्त की है. उन्होंने पुलिस जवानों के अदम्य साहस और शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि उनके बलिदान से पूरा देश और प्रदेश गौरवान्वित है. इस मौके पर उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का 50 प्रतिशत हिस्सा पत्नी और 50 प्रतिशत माता-पिता को देने के संवेदनशील फैसले की घोषणा की, साथ ही पुलिस विभाग में समयबद्ध पदोन्नति और नई भर्तियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
CM मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 1959 के ऐतिहासिक बलिदान को किया याद
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 के ऐतिहासिक बलिदान को स्मरण करते हुए आज पूरा देश पुलिस स्मृति दिवस मनाता है. पुलिस और सशस्त्र बलों का हमारे इतिहास में विशेष महत्व रहा है. हमारी सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करने का अर्थ केवल शक्ति का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज की रक्षा करने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेना है. आज के इस अवसर पर हम उन वीर जवानों को नमन करते हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी. ऐसे अमर शहीदों के बलिदान से ही हमारा समाज और हमारा देश और प्रदेश सदैव गौरवान्वित होता रहा है. मैं सभी अमर शहीदों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.
पुलिस ने उखाड़ फेंका नक्सलवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हमारे लिए और भी अधिक गौरव का क्षण है कि हमारा प्रदेश लगभग 35 वर्षों से नक्सलवाद के जिस दंश को झेल रहा था, उससे अब बाहर निकलने में सफल हुआ है. यह एक कठिन दौर था, जिसमें अनेक चुनौतियां थीं. लेकिन, हमारे जांबाज और बहादुर जवानों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण से प्रदेश को गौरवान्वित किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में हमारे प्रदेश ने नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती का न केवल सफलतापूर्वक सामना किया, बल्कि उस पर विजय प्राप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की है. उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव का विषय है. इस दृष्टि से पुलिस स्मृति दिवस का यह अवसर और भी अधिक सार्थक हो जाता है.
देश के लिए अहम है पुलिस की भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में हमारे पुलिस बल और सशस्त्र बलों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है. लाल चौक से लेकर लाल किले की प्राचीर तक लहराता तिरंगा आज पूरे देश और दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, सामर्थ्य और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है. यह ध्वज हमारे वीर जवानों, उनके अदम्य साहस और अमर बलिदान की गाथा को भी अभिव्यक्त करता है. आज जब पूरी दुनिया उथल-पुथल और अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत का लोकतंत्र सुरक्षित और सशक्त है. इसमें हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है.
जवानों ने बढ़ाई पुलिस की साख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं सभी अमर शहीदों को नमन करता हूं और देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सभी पुलिसकर्मियों एवं सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. अत्यंत महत्वपूर्ण की ऐसी घोषणाएं हमने की है, जो कि हमारे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है. हमारी सरकार द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है. इस राशि का 50% शहीद की पत्नी और शेष 50 प्रतिशत राशि उनके माता-पिता को देने का निर्णय लिया गया. पुलिस के जवानों ने अपनी दक्षता के बल पर मध्यप्रदेश की साख बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमारे सामने साइबर अपराध और ड्रग तस्करी पर अंकुश लगाने की चुनौती है, हमारे पुलिसकर्मी हमेशा की तरह इन चुनौतियों से भी निपटेगी. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और नई भर्तियों के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. मैं आज विभाग के सभी अमर शहीदों को नमन करता हूं और श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.
गौरवशाली है एमपी पुलिस का इतिहास
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज हम कर्तव्य निर्वाहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का स्मरण कर रहे हैं. हमारे सैनिकों ने देश और प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बलिदान दिया है. मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है. कश्मीर से तमिलनाडु और गोवा से नागालैंड तक मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने सेवाएं दी हैं. इस वर्ष मध्यप्रदेश पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया है. हमारी संवेदनाएं सभी शहीदों के परिवार जनों के साथ हैं. ये परिवार हमारे पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और इनका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है.
Bureau Report
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