शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली के दौरान, राज्य और केंद्र की सत्ताधारी लीडरशिप पर तीखा हमला बोला. ठाकरे ने विजयादशमी के मौके पर समर्थकों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा.
उन्होंने राज्य के अहम मुद्दों जैसे सूखे और जन सुरक्षा पर भी बात की. ठाकरे ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हालिया हमले की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना की, जिन्हें उन्होंने ‘चमको’ (दिखावा करने वाला) कहा.
ठाकरे ने कहा, ‘अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ और ये ‘चमको’ तुरंत उनसे मिलने पहुंच गए. पुलिस ने दोषियों को पकड़ लिया, लेकिन क्या हम इसके लिए उनकी तारीफ करें? यह टाइगर श्रॉफ की किस्मत अच्छी थी कि वे बच गए. अगर गोली जानलेवा साबित होती और पुलिस बाद में बदमाशों को पकड़ती, तो उसका क्या फायदा होता? आप कैसी सरकार चला रहे हैं? यह बहुत गुस्सा दिलाने वाली बात है कि इन लोगों ने बाकी सब कुछ पुलिस पर छोड़ दिया है, जबकि इनका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी छवि चमकाने पर है.’
सुरक्षा जांच पर उठाए सवाल
उन्होंने पूछा कि नियमित सुरक्षा जांच बाहरी लोगों को रोकने में क्यों नाकाम रही? उन्होंने कहा, ‘जब भी हमारी तरफ कोई छोटी-मोटी घटना होती है, तो हमें तुरंत पुलिस स्टेशन बुला लिया जाता है. क्या इन पुलिस अधिकारियों को वे हमलावर नहीं दिखे, जिन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया? क्या नाकेबंदी के दौरान आपकी नाक में रुई ठूंसी हुई थी? वे गुंडे अंदर कैसे घुस आए?’
‘अर्बन नक्सलवाद’ के दावे पर उठाए सवाल
हाई कोर्ट में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में दाखिल किए गए हलफनामे पर निशाना साधते हुए, ठाकरे ने पूछा कि राज्य के शहरों में आखिर ‘अर्बन नक्सलवाद’ कहां है? हलफनामे में कथित तौर पर यह दावा किया गया है कि महाराष्ट्र ‘अर्बन नक्सलियों’ का गढ़ बन गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि असल में उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से अपराधी यहां घुसपैठ कर रहे हैं.
लॉरेंस बिश्नोई को लेकर फडणवीस को चुनौती
ठाकरे ने कहा, ‘साबरमती जेल में बैठा लॉरेंस बिश्नोई है, जिसके गुर्गों का दावा है कि उनके पास 70 हजार शूटर हैं. देवेंद्र फडणवीस जी, आपमें सच में हिम्मत है तो साबरमती जाइए, दिल्ली में बैठे अपने ‘बॉस’ के सामने से लॉरेंस बिश्नोई को खींचकर बाहर निकालिए. फिर बड़ी-बड़ी बातें कीजिए.’ ठाकरे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए सत्ताधारी दल को जल्द ही राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
अभिजीत दिपके का जिक्र कर प्रदर्शनकारियों को याद किया
अपने संबोधन में ठाकरे ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके का विशेष रूप से जिक्र किया और दो बार उनका नाम लिया. ठाकरे ने याद किया कि कैसे वे सीजेपी के पहले विरोध प्रदर्शन स्थल पर जाकर दिपके और युवा प्रदर्शनकारियों से मिले थे.
ठाकरे ने कहा, ‘मैं उस पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके और युवा प्रदर्शनकारियों से मिलने गया था. किसी के सिर पर चोट लगी थी, शरीर पर साफ तौर पर निशान और सूजन दिख रही थी, और एक लड़की के कपड़े फटे हुए थे. उनके घावों को देखकर मैंने उनसे घर जाने के लिए कहा. लेकिन उन्होंने जवाब दिया, ‘भले ही हम मर जाएं, पर अब हम पीछे नहीं हटेंगे.’ यह 12 सालों का जमा हुआ गुस्सा है. आपने 12 सालों तक देश को प्रताड़ित किया है.’
‘युवा क्रांतिकारी हैं, न कि नक्सली’
ठाकरे ने जोर देकर कहा कि सड़कों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवा क्रांतिकारी हैं, न कि नक्सली, भले ही उन्हें आलोचक ‘अर्बन नक्सल’कहते हों. इन विरोध प्रदर्शनों में मध्यमवर्गीय परिवारों ने भी हिस्सा लिया, जहां माता-पिता अपने बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे.
Bureau Report
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