CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क से अदालत तक विपक्ष: राहुल गांधी समेत 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क से अदालत तक विपक्ष: राहुल गांधी समेत 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

दिल्ली में INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च; मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जाँच और चुनाव आयोग के निर्णयों से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग।

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को राहुल गांधी तथा INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के साथ विपक्ष ने न्यायिक रास्ता भी अपनाया। राहुल गांधी सहित गठबंधन के 11 नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। 

मंडी हाउस क्षेत्र से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा छात्र समूहों ने मार्च में हिस्सा लिया। बाराखंबा रोड और मंडी हाउस क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे। सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग की गई थी। 

विपक्ष ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।

याचिका में आयोग के रिकॉर्ड और स्वतंत्र जाँच की मांग

दाखिल याचिका में SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने में कथित विसंगतियों का मुद्दा उठाया गया है। चुनाव आयोग के विवादित निर्णयों से संबंधित फाइलें, बैठक के एजेंडे, कार्यवृत्त, टिप्पणियाँ और आपत्तियाँ सामने लाने तथा स्वतंत्र जाँच की मांग की गई है। आयोग की डिजिटल प्रणालियों ECINET और ERONET के संबंधित एक्सेस लॉग उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है। 

याचिका में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का ऑडिट, बिना पूर्व सूचना और सुनवाई के नाम हटाए जाने से सुरक्षा तथा देशभर में पुनरीक्षण प्रक्रिया पर अंतरिम रोक की मांग भी शामिल है। 

राहुल गांधी के अलावा याचिकाकर्ताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, सुप्रिया सुले, महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय, एम.ए. बेबी, डी. राजा और मोहम्मद बशीर शामिल हैं। 

चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोप नकारे

चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुँचाने के आरोपों से इनकार कर चुका है। आयोग का कहना है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटे हैं, वे दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उस पर चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनुचित सवाल उठाने का आरोप लगाया है। 

याचिका दाखिल, न्यायिक निर्णय अभी बाकी

यह घटनाक्रम चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर जारी विवाद को न्यायिक मंच तक ले गया है। हालांकि, याचिका दाखिल होना आरोपों की पुष्टि या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई का न्यायालय का आदेश नहीं है। मांगी गई राहत पर फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद होगा।

रिपोर्ट: Hrithik Saini | शाइनिंग इंडिया न्यूज़

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