Share Market: ट्रंप का प्रहार, फिर भी दहाड़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स में 775 अंकों का उछाल….IT स्टॉक्स में दमदार तेजी

Share Market: ट्रंप का प्रहार, फिर भी दहाड़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स में 775 अंकों का उछाल....IT स्टॉक्स में दमदार तेजी

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में बाउंस बैक किया. गुरुवार, 8 अक्टूबर को बाजार में मची तबाही ने निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये खाक कर दिए. शुक्रवार को बाजार ने कमबैक करते हए 700 अंकों की छलांग लगाई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने हरे निशान के साथ ओपनिंग की.

Opening Bell: सेंसेक्स +799.43 +1.12% की बढ़त के साथ 72,392.67 पर खुला है. निफ्टी ने आज 22,314.95 के साथ कारोबार की शुरुआत की. सुबह करीब 9:16 बजे सेंसेक्स 321 अंक (0.45%) बढ़कर 71,914 पर खुले, निफ्टी 117 अंक (0.53%) बढ़कर 22,349 पर पहुंच गया. 1,151 शेयरों में बढ़त और 770 शेयरों में गिरावट देखी गई.

IT शेयरों में तेजी 

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 183.43 अंक यानी 0.26 प्रतिशत बढ़कर 71,776.67 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 83.15 अंक यानी 0.37 प्रतिशत चढ़कर 22,314.95 पर खुला. व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत, तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.  
 
निफ्टी IT में सबसे ज्यादा (3 प्रतिशत से ज्यादा) की तेजी देखने को मिली.निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी ऑयल एंड गैस में गिरावट देखने को मिली.  

TCS, इंफोसिस के शेयरों में बड़ी तेजी 

निफ्टी50 इंडेक्स में टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, आयशर मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत बीईएल, रिलायंस, सिप्ला, बीएसई और कोल इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई.  

बाजार में तेजी की वजह 
 

मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ने से आपूर्ति-जोखिम प्रीमियम बहाल होने के बाद ब्रेंट तेल 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. 
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय हैं. उनका मानना है कि इन कारकों के कारण निकट अवधि में बाजार की संरचना अभी भी “रैली पर बिकवाली” वाली बनी हुई है.  

बाजार जानकारों का कहना है कि  विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने मंदड़ियों (बीयर्स) को मजबूत किया है और वे मजबूत बुनियादी कंपनियों में भी बिकवाली कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड उच्च स्तरों पर बनी रहती हैं, तब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रह सकती है, विशेषकर लार्ज-कैप शेयरों में.  

हालांकि बाजार का इतिहास बताता है कि बड़े सुधार अक्सर दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर लेकर आते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के दौर में गुणवत्ता वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश के अवसर बन रहे हैं. तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, 22,050 का स्तर अब नजदीक बना हुआ है, लेकिन निफ्टी निचले बोलिंजर बैंड के आसपास होने के कारण अल्पकालिक रिकवरी की संभावना भी बनी हुई है. 

वैश्विक संकेतों का असर 

उनके अनुसार यदि निफ्टी 22,290-22,350 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो 22,440 से 22,600 तक की तेजी देखी जा सकती है. वहीं नीचे की ओर 22,140 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है. वैश्विक संकेत अभी भी मिश्रित बने हुए हैं. अमेरिकी आईटी शेयरों में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनावों के कारण ऊंची तेल कीमतें निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही हैं. हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कुछ नरमी से बाजार को सीमित राहत मिली है.  

FII की बिकवाली , घरेलू निवेशकों ने लगाया जोर

गुरुवार को एफआईआई ने 12,943 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 10,703 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ समर्थन दिया. अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 36,210 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है. 

Bureau Report

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*