अमेरिका में मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शन) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को लगे बड़े झटके के बाद ईरान में भी इसका असर देखने को मिला। राजधानी तेहरान में लोगों ने ट्रंप, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर जलाकर अपना विरोध जताया।
ईरान में सरकार समर्थकों और कट्टरपंथी समूहों ने अमेरिकी और इस्राइली नेताओं की तस्वीरें जलाकर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों के बीच अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को लेकर उत्साह नजर आया।
ईरान युद्ध और महंगाई बनी ट्रंप की परेशानी?
अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान के पीछे ईरान से जुड़ा सैन्य तनाव और बढ़ती महंगाई भी अहम मुद्दे रहे। चुनाव के दौरान पेट्रोल और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों को लेकर मतदाताओं में नाराजगी थी। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया, जिसका उन्हें चुनाव में फायदा मिला।
ईरान से जुड़े संघर्ष को लेकर अमेरिकी मतदाताओं की चिंता भी ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती बनी। चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया कि विदेश नीति और घरेलू अर्थव्यवस्था के मुद्दे अमेरिकी राजनीति में किस तरह असर डाल सकते हैं।
ट्रंप ने कहा- दोबारा मौका मिला तो ईरान पर करेंगे हमला
चुनाव में हार के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव किया है। उन्होंने माना कि ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिससे अमेरिकी नागरिकों पर महंगाई का दबाव बढ़ा। डेमोक्रेट्स की ओर से महाभियोग लाए जाने की संभावना पर भी ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी चिंता नहीं है और अगर विपक्ष ऐसा कदम उठाता है तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जेडी वेंस ने भी ईरान युद्ध को बताया हार की वजह
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। उनका मानना है कि युद्ध और उससे जुड़ी आर्थिक परेशानियों ने मतदाताओं के फैसले को प्रभावित किया। वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी बात को समझा जा सकता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी था। इस तरह चुनावी हार के बाद भी ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान के खिलाफ अपनाई गई नीति का बचाव जारी है।
Bureau Report
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