नई दिल्ली | 7 नवंबर 2026
दिवाली से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार ‘बेहद खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
दिल्ली में प्राथमिक कक्षाओं के लिए हाइब्रिड मोड लागू
बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग के प्रकोप के बीच स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में प्राथमिक कक्षाओं (Primary Classes) के लिए पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प) में संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि छोटे बच्चों को जहरीली हवा के सीधे संपर्क से बचाया जा सके।
गुरुग्राम में कॉरपोरेट दफ्तरों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम
हरियाणा के गुरुग्राम प्रशासन ने भी एहतियातन कड़े कदम उठाए हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और उससे होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए गुरुग्राम के सभी निजी और कॉर्पोरेट दफ्तरों को अपने कर्मचारियों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) का नियम लागू करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे ट्रैफिक का दबाव घटेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
GRAP के तहत पाबंदियां सख्त
हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के कड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। निर्माण कार्यों पर रोक और डीजल वाहनों के संचालन को लेकर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम की सैर से बचें तथा घर से बाहर निकलते समय मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
Report by Ashok Saini
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