पटना के मनेर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान तीन लोगों की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल किया। गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। आक्रोशित परिजन जमकर हंगामा कर रहे हैं। परिजन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे। परिजनों ने पुलिस की ओर से बताई गई एनकाउंटर की कहानी पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने साजिश रचकर इस घटना के अंजाम दिया है। अगर कार्रवाई ही करनी थी तो पैर में गोली मार देते लेकिन तीनों को जान से मारने की क्या जरूरत थी?
इधर, लोगों के हंगामे को देखते हुए पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन, किसी ने उनकी एक न सुनी। अस्पताल परिसर में लोग बवाल करने लगे। इसके बाद पुलिस ने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। साथ ही अस्पताल परिसर को खाली कराने की कार्रवाई भी शुरू की गई। इधर, राजद सांसद मीसा भारती परिजनों से मिलने अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सारी जानकारी ली।
जेपी यादव के भाई रामाशीष ने लगा दिया बड़ा आरोप
मृतक जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उनके भाई की जान अनुचित कार्रवाई में गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुठभेड़ को लेकर जो कहानी बता रही है, उस पर कई सवाल हैं। रामाशीष यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आनी चाहिए और पुलिस को अपनी कार्रवाई का जवाब देना चाहिए। फिलहाल, मुठभेड़ में हुई मौतों को लेकर अस्पताल से लेकर इलाके तक तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
पटना एसएसपी बोले- तीनों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की ओर से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 6 नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर मनेर थाना क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक इतिहास रखने वाले कुछ अपराधी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम के पहुंचते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली मनेर थानाध्यक्ष की वर्दी को छूते हुए निकल गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन अपराधी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 से अधिक राउंड फायरिंग की थी। घटनास्थल से तीनों के पास से हथियार बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और अष्टमी के दिन मनेर में हुई हत्या की घटना में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा।
Bureau Report
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