गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बदला नहीं, बल्कि बदलाव होता है और यह बदलाव जनता अपने मताधिकार से तय करती है।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में सपा अध्यक्ष का बयान लोगों ने पढ़ा होगा। उनका बयान काफी अजीब था। उन्होंने कहा था कि आने वाली पीढ़ी लाठी की हर चोट और हर जख्म का बदला लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के ‘बबुआ’ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, बदलाव होता है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने बदलाव किया और वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने अपना फैसला सुनाया। यह बदलाव की ताकत कांग्रेस या समाजवादी पार्टी के पास नहीं, बल्कि जनता के पास है। सीएम ने यह भी कहा पिछले तीन लोकसभा चुनावाें में जितनी सीटें कांग्रेस की आई उससे कहीं अधिक भाजपा 2024 लोकसभा में अकेले ले आई। यही हाल सपा का उत्तर प्रदेश में है।
गोरखपुर पहुंचे नितिन नवीन
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा’ के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को गोरखपुर पहुंच गए। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं। पदयात्रा के जरिए भाजपा गोरखपुर में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रही है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला गोरखपुर दौरा है। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह सर्किट हाउस गए। इसके बाद महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में पहुंचे। जनसभा के बाद यहीं से पदयात्रा शुरू होगी। जनसभा में राष्ट्रीय महामंत्री एवं यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी शामिल हैं।
एमपी इंटर कॉलेज से काली मंदिर तक जाएगी पदयात्रा
पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर करीब 1200 मीटर की दूरी तय करते हुए गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी। यहां प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ पदयात्रा का समापन होगा। आयोजन में एक लाख कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। मार्ग में 18 स्थानों पर पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा।
Bureau Report
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