24 घंटे से तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर समर्थक दावा कर रहे हैं कि वह नई पार्टी बनाने जा रहे हैं. विधानसभा चुनाव से पहले भी ऐसी अफवाह उड़ी थी. अब सोशल मीडिया पर अन्नामलाई के समर्थक पार्टी का नाम और झंडे का डिजाइन सुझाने लगे हैं. माना जा रहा है कि जिस तरह से विजय ने राजनीति में आकर सत्ता हासिल कर ली, कुछ वैसा ही अन्नामलाई भी सोच रहे हैं. वैसे भी, वह अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से नाराज बताए जा रहे हैं.
फिलहाल, राज्य में चुनाव का शोर थम चुका है. नई सरकार बन चुकी है. अब चर्चा जोर पकड़ रही है कि अन्नामलाई एक नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं. कुछ लोगों ने यहां तक दावा किया है कि इस बारे में कोई पुख्ता घोषणा जून के महीने में ही हो सकती है.
अन्नामलाई के कुछ हालिया रुखों से भी इन अटकलों को हवा मिल रही है. उन्होंने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए ‘तीन-भाषा की नीति’ लागू करने के CBSE के फैसले की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी. राजनीतिक जानकार उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण कर रहे हैं. कुछ लोगों ने यह बात भी नोट की है कि रविवार को उन्होंने पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बारे में कोई पोस्ट नहीं किया. हालांकि, मन की बात पर पीएम का एक ट्वीट उन्होंने रीशेयर जरूर किया है.
अन्ना की नाराजगी की वजह
अन्नामलाई के बारे में कहा जाता है कि वह 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए AIADMK के साथ गठबंधन करने के भाजपा के फैसले से नाखुश थे. आखिरकार पार्टी नेतृत्व के फैसले पर राजी हो गए और NDA के लिए प्रचार भी किया. पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई तमिलनाडु भाजपा का नेतृत्व करने वाले सबसे कम उम्र के नेताओं में से एक रहे हैं. उन्हें जुलाई 2021 में 37 साल की उम्र में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. वह 2025 तक इस पद पर रहे, जब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने AIADMK के साथ अपना गठबंधन फिर से कर लिया. बाद में यह पता चला कि उन्हें अध्यक्ष पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि गठबंधन टूटने के बाद वह एआईएडीएमके नेतृत्व का जमकर विरोध कर रहे थे.
हालांकि, इन अटकलों के बीच भाजपा के भीतर से कुछ सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबरें आई हैं कि ये सब अटकलें हैं. अन्नामलाई भाजपा में खुश हैं और उन्हें जल्द ही केंद्र में नई भूमिका मिल सकती है.
Bureau Report
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