50 साल बाद बड़ा बदलाव! पहली बार 9वीं की NCERT किताब में शामिल हुआ आपातकाल का अध्याय, जानिए छात्रों को क्या पढ़ाया जाएगा?

50 साल बाद बड़ा बदलाव! पहली बार 9वीं की NCERT किताब में शामिल हुआ आपातकाल का अध्याय, जानिए छात्रों को क्या पढ़ाया जाएगा?

भारत में 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक माना जाता है. अब लगभग पांच दशक बाद NCERT ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में इस विषय को शामिल किया है. नई किताब ‘Understanding Society: India and Beyond’ में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक बताया गया है. इसमें यह भी उल्लेख है कि उस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे.

NCERT की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में लोकतंत्र की ताकत और उसके सामने आने वाली चुनौतियों पर एक अलग अध्याय तैयार किया गया है. इसी अध्याय में आपातकाल का विस्तृत उल्लेख किया गया है. यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब देश ने हाल ही में 1975 में लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने को याद किया है. इसका उद्देश्य छात्रों को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास और उससे जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से परिचित कराना है.

आपातकाल के बारे में क्या बताया गया है?

पुस्तक के अनुसार 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था. इसमें बताया गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बेरोजगारी, महंगाई और प्रशासनिक कमियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा था. इन परिस्थितियों में देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए.

जयप्रकाश नारायण की भूमिका क्यों अहम रही?

नई किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है. इसमें बताया गया है कि बिहार और गुजरात सहित कई राज्यों में छात्रों और नागरिकों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की. इसके बाद 1977 में आपातकाल हटाया गया और आम चुनाव कराए गए, जिससे जनता को मतदान के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने का अवसर मिला.

लोकतंत्र की ताकत कैसे समझाई गई है?

NCERT की पुस्तक में कहा गया है कि 1977 के चुनाव में तत्कालीन सत्ताधारी सरकार की हार ने यह साबित किया कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां जनता का जनादेश सर्वोपरि है. किताब के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यही है कि नागरिक चुनाव के जरिए सरकार बदलने का अधिकार रखते हैं. इस उदाहरण के माध्यम से छात्रों को लोकतंत्र के महत्व को समझाने की कोशिश की गई है.

और कौन-कौन से नए विषय शामिल हुए हैं?

नई पुस्तक में ‘Democracy and You’ नाम से एक नया खंड पहली बार जोड़ा गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को उनके नागरिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका से जोड़ना है. इसके अलावा मीडिया की भूमिका पर भी अलग सेक्शन दिया गया है, जिसमें मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए जनहित के मुद्दों को सामने लाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उसकी अहम भूमिका समझाई गई है. साथ ही फेक न्यूज, गलत सूचना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, क्षेत्रवाद, गरीबी, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है.

Bureau Report

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