पश्चिम बंगाल में टीएमसी को एक और झटका लगा है. टीएमसी की टॉप लीडर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. चंद्रिमा भट्टाचार्य टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष भी थी. उन्होंने अपने इस्तीफा में कहा कि 3 जून को कालीघाट में हुई एक मीटिंग में मुझे स्टेट प्रेसिडेंट का पद दिया गया था. जिस पद से अपना इस्तीफा देती हूं.
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC के स्टेट प्रेसिडेंट के तौर पर सुब्रत बख्शी की जगह ली थी, क्योंकि ममता बनर्जी ने BJP से चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी की सभी मौजूदा कमेटियों को भंग कर दिया और ऑर्गनाइज़ेशन को फिर से बनाया था. उन्होंने आगे कहा कि कृपया ध्यान दें कि मैं अलग-अलग बैंकों में रखे गए अकाउंट्स के संबंध में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और दूसरे सभी संबंधित ऑर्गनाइजेशन की ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के तौर पर खुद का नाम वापस लेती हूं.
पार्टी के लिए बड़ा झटका
टीएमसी के लिहाज से देखें तो ये पार्टी के लिए काफी बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि चुनाव के बाद से जहां पर एक तरफ पार्टी के विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया है, तो वहीं दूसरी तरफ कई सांसदों ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है.
चंद्रिमा भट्टाचार्य कौन हैं?
चंद्रिमा भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल में पूर्व मंत्री हैं और उन्हें लंबे समय तक ममता के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता था. वह ममता बनर्जी की TMC सरकार में फाइनेंस, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर, लैंड रिफॉर्म्स, और रिफ्यूजी और रिहैबिलिटेशन राज्य मंत्री रह चुकी हैं. भट्टाचार्य के पास कलकत्ता यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री है और वह 2011 के चुनाव तक वकील थीं. TMC टिकट पर दमदम उत्तर से जीतने के बाद वह पश्चिम बंगाल असेंबली के लिए चुनी गईं.
पुराने कार्यालय में लौट रहे लीडर
पार्टी ऑफिस विवाद के बीच ममता बनर्जी का खेमा पार्टी के पुराने कार्यालय में लौट रहा है. तोपसिया के किनारे पुराने पार्टी ऑफिस में ही आज से पार्टी के विभिन्न संगठनों के नेता-कार्यकर्ता बैठने जा रहे हैं. इस पार्टी ऑफिस को नए सिरे से बनाने का काम चल रहा है. अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में आज से ममता बनर्जी खेमा काम शुरू कर रहा है.
Bureau Report
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