देश के सबसे बड़े और मशहूर व्लॉगर्स में से एक, सौरव जोशी अपने एक हालिया वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बुरी तरह घिर गए हैं. मर्सिडीज-बेंज इंडिया द्वारा आधिकारिक तौर पर फटकार और सफाई जारी किए जाने के बाद, सौरव जोशी ने अपने उस बयान पर यू-टर्न ले लिया है जिसमें उन्होंने सरकार के महत्वाकांक्षी ‘E20 पेट्रोल’ पर सवाल उठाए थे.
सौरव जोशी ने अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. उन्होंने साफ किया है कि उनकी करोड़ों की लग्जरी मर्सिडीज SUV का माइलेज कम होने के पीछे E20 फ्यूल नहीं, बल्कि गाड़ी के इंजन की अंदरूनी खराबी थी.
17 kmpl से सीधे 5 kmpl! क्या था सौरव जोशी का पिछला दावा?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सौरव जोशी ने अपने एक डेली व्लॉग में अपनी मर्सिडीज-बेंज SUV के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का माइलेज दिखाते हुए एक सनसनीखेज दावा किया. सौरव ने दावा किया कि लोकल पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाने के महज दो दिनों के भीतर उनकी कार का माइलेज 17 किमी प्रति लीटर से घटकर सिर्फ 5 किमी प्रति लीटर रह गया. सौरव ने सीधा ठीकरा इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर फोड़ते हुए कहा था कि यह सब इथेनॉल की वजह से हुआ है. पहले फुल टैंक कराने पर गाड़ी 800 किलोमीटर चलती थी, जो अब घटकर सिर्फ 490 किलोमीटर रह गई है. मुझे नहीं पता यह कार कब रास्ते में दम तोड़ दे… अब तो पेट्रोल भरवाने में भी डर लगता है. इस वीडियो के बाद इंटरनेट पर भारत सरकार के E20 फ्यूल प्रोजेक्ट और गाड़ियों की लाइफ को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई थी.
मर्सिडीज-बेंज की कड़क एडवाइजरी: हमारी गाड़ियां बिल्कुल सुरक्षित हैं
यूट्यूबर के इस दावे से जब बाजार में मर्सिडीज की साख और परफॉर्मेंस पर सवाल उठने लगे, तो मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने तुरंत मोर्चा संभाला और व्लॉगर के दावों को खारिज करते हुए एक फॉर्मल एडवाइजरी जारी कर दी. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि मर्सिडीज-बेंज के लिए ग्राहकों की सुरक्षा, भरोसा और परफॉर्मेंस सबसे ऊपर है. हमारी सभी मर्सिडीज-बेंज पेट्रोल BS-VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से कम्पैटिबल हैं और सरकार द्वारा सर्टिफाइड हैं. हमारी गाड़ियों को इस फ्यूल से कोई नुकसान नहीं होता.
मुझसे गलतफहमी हुई…सौरव ने डिलीट किया वीडियो का हिस्सा
मर्सिडीज की इस फटकार और सर्विस सेंटर की जांच के बाद सौरव जोशी के सुर पूरी तरह बदल गए. उन्होंने X पर लिखा कि हम मर्सिडीज के सर्विस सेंटर गए थे, जहां मैकेनिक्स ने पाया कि इंजन में ही एक तकनीकी समस्या थी, जिसकी वजह से माइलेज कम हो रहा था. E20 पेट्रोल के बारे में मुझसे जो गलतफहमी हुई, उसके लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं. मेरा इरादा किसी भी गलत जानकारी को फैलाने या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था.
सौरव ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने मुख्य यूट्यूब वीडियो से उस विवादित हिस्से को ट्रिम कर छोटा कर दिया है. हालांकि, इंटरनेट की दुनिया में सौरव जोशी के पुराने बयान की वीडियो क्लिप्स अभी भी जमकर वायरल हो रही हैं और यूजर्स उन्हें बिना पूरी जांच-पड़ताल के देश के ईंधन प्रोजेक्ट पर भ्रम फैलाने के लिए ट्रोल कर रहे हैं.
Bureau Report
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