अगर आप सैलरीड क्लास हैं तो यह खबर आपके काम की है. ईपीएफओ (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने पीएफ सब्सक्राइबर्स के खातों में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की सालाना ब्याज की रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है. ईपीएफ ने सरकार की तरफ से अप्रूव की गई 8.25 प्रतिशत सालाना दर से खातों में ब्याज क्रेडिट करने का प्रोसेस शुरू कर दिया है. मंथली रूप से देखें तो यह करीब 0.688 प्रतिशत होती है. हालांकि, ब्याज की कैलकुलेशन हर महीने के रनिंग बैलेंस के आधार पर की जाती है. लेकिन सरकार की तरफ से ब्याज दर नोटिफाई किये जाने के बाद इसे साल में केवल एक बार ही खाते में क्रेडिट किया जाता है.
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बारे में बताया था कि ईपीएफओ (EPFO) करीब 34 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ब्याज को प्रोसेस कर रहा है. यह पैसा लोगों के अकाउंट में आना शुरू हो गया है. ब्याज से जुड़ा यह पेमेंट ऐसे समय में किया जा रहा है जब ईपीएफओ (EPFO) ने अपने पूरे डेटाबेस को नए ‘सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज’ (CITES) प्रोजेक्ट के तहत माइग्रेट कर लिया है. हालांकि, सॉफ्टवेयर अपग्रेड और डेटाबेस इंटीग्रेशन के कारण दो हफ्ते तक ऑनलाइन सर्विस बंद रही थीं.
पूरी तरह काम करने लगा नया सिस्टम
ईपीएफओ (EPFO) को सर्विस को पूरी तरह बहाल करने में कई बार देरी हुई. लेकिन नया सिस्टम अब पूरी तरह काम करने लगा है. संगठन की तरफ से वेबसाइट पर साफ किया गया कि सिस्टम माइग्रेशन पूरा होने के बाद सर्विस शुरू हो गई है. लेकिन शुरुआती दौर में पीएफ क्लेम और दूसरी ऑनलाइन सर्विस से जुड़ी रिक्वेस्ट के निपटारे में कुछ देरी हो सकती है. आपके पीएफ अकाउंट में ब्याज का आया या नहीं, यह आप घर बैठकर आसानी से चेक कर सकते हैं. आइए जानते हैं पीएफ के ब्याज से जुड़े पैसे को कैसे चेक करें? इसके तीन तरीके हैं-
- EPFO मेंबर ई-सेवा पोर्टल
- पासबुक लाइट-ईपीएफओ मेंबर पासबुक पोर्टल
- UMANG ऐप
रनिंग बैलेंस के बेस पर होती है ब्याज की कैलकुलेशन
यदि आप मेंबर पासबुक पोर्टल पर जाते हैं तो आपको 12 अंक वाले UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड की मदद से लॉगइन करना होगा. इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल पर ओटीपी (OTP) आएगा. इसे दर्ज करके आप ‘पासबुक लाइट’ के जरिये कॉन्ट्रीब्यूशन, निकासी और अपडेटेड बैलेंस के साथ ब्याज की रकम भी आसानी से देख सकेंगे. उमंग ऐप के जरिये भी पीएफ बैलेंस चेक किया जा सकता है. यदि ईपीएफ अकाउंट में ब्याज की रकम तुरंत नहीं दिखाई दे रही तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. ब्याज की कैलकुलेशन रनिंग बैलेंस के बेस पर पहले ही कर ली जाती है. पासबुक में एंट्री भले ही देरी से दिखाई दे, लेकिन आपको मिलने वाली ब्याज की रकम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
भविष्य के लिए वरदान है ईपीएफ योजना
ईपीएफ (EPF) बेहद सुरक्षित और पसंदीदा सेविंग स्कीम है. यह सैलरीड क्लास को रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने का काम करती है. योजना के तहत कर्मचारी और कंपनी दोनों ही महंगाई भत्ते का 12-12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ अकाउंट में जमा करते हैं. सरकारी नियमों के अनुसार जरूरी योगदान की लिमिट 1,800 रुपये तय की गई है. यदि कोई कर्मचारी चाहे तो वह वॉलेंटियर बेस पर इस लिमिट से ज्यादा राशि भी अपने पीएफ फंड में जमा करा सकता है. इस पर उन्हें सरकार की तरफ से टैक्स-फ्री और सेफ रिटर्न का फायदा मिलता है.
Bureau Report
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