AISA और वामदलों के छात्र संगठनों की ओर से बुलाए गए ‘बिहार बंद’ का पूरे प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिल रहा है. राजधानी पटना समेत कई जिलों में सुबह से ही छात्र सड़कों पर उतर आए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने लगे. बिहार बंद के दौरान पटना और लखीसराय समेत तमाम जिलों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प देखने को मिली. पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका तो उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पटना जंक्शन की ओर खदेड़ दिया. इससे पहले गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सड़क पर उतरे कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया गया.
लखीसराय में पुलिस ने किया लाठीचार्ज
लखीसराय में प्रदर्शनकारियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. यहां जिला समाहरणालय के पास पुलिस और छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया, जिसके बाद जमकर बवाल हुआ. जानकारी के मुताबिक, प्रतिरोध मार्च में शामिल छात्रों ने पुलिस के वाहनों और निजी गाड़ियों पर हमला किया गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. वहीं, छात्र संगठनों का गठन हैं कि उनके द्वारा शांतिपूर्ण मार्च निकला गया है. इसमें शामिल कुछ उपद्रवी तत्व के द्वारा इस तरह का कार्य किया गया है. एसडीपीओ और एसडीएम ने हल्का बल प्रयोग की बात कही. उन्होंने बताया कि अब स्थिति शांतिपूर्ण है.
मधेपुरा में कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
मधेपुरा में बिहार बंद के दौरान छात्रों की योजना समाहरणालय का घेराव कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की थी. छात्र जुलूस की शक्ल में समाहरणालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन कॉलेज चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ दर्जन छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर सदर थाना ले गई. पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई. छात्र नेताओं का आरोप था कि नीट पेपर लीक प्रकरण और उससे जुड़े मामलों में कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है.
कैमूरः माले कार्यकर्ताओं ने DM को ज्ञापन सौंपा गया
भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने भभुआ शहर में विरोध मार्च निकाला. यह प्रदर्शन मार्च शहर के स्टेडियम एवं पटेल चौक से होते हुए मुख्य मार्गों से गुजरा. भाकपा माले के जिला सचिव विजय यादव ने कहा कि देश भर में परीक्षाओं में हो रही धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के कारण नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है. उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों पर दमनकारी नीतियां बंद करे और उनसे वार्ता कर जवाबदेही तय करे.
सीतामढ़ी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में
सीतामढ़ी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला. पुलिस बल ने प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की. एसपी अमित रंजन ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने या शांति भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
आरा-भागलपुर में पुलिस प्रशासन सतर्क
आरा में भी AISA के बैनर तले छात्रों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया है. इस दौरान छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग की. वहीं, जिला प्रशासन ने इस प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती जगह-जगह पर की है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. भागलपुर में पुलिस ड्रोन के जरिए भी भीड़ पर नजर रख रही है. डीएम और एसएसपी लगातार शहर का भ्रमण कर हालात की निगरानी कर रहे हैं. फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.
कई जिलों में पथराव की घटनाएं
वहीं, छपरा, सहरसा और भागलपुर से भी पथराव की घटनाएं सामने आई हैं. पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 5 दिनों से युवाओं का प्रदर्शन जारी है. युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ गए हैं और शनिवार रात तक सरकार को अल्टीमेटम दिया है.
Bureau Report
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