भगवान शिव और ब्रह्म पर मौलाना का ‘जहरीला’ बयान, श्रीकृष्ण को भी बताया था 5 वक्त का नमाजी

भगवान शिव और ब्रह्म पर मौलाना का 'जहरीला' बयान, श्रीकृष्ण को भी बताया था 5 वक्त का नमाजी

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर अपने बयान के बाद चर्चा में आया मौलाना जर्जिस एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. इस बार उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो भगवान शिव और ब्रह्मा को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो 22 जुलाई का है और बिहार के कटिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया था. हालांकि, जी न्यूज इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी टिप्पणियां करते नजर आ रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई यूजर्स ने बयान की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ लोग पूरे वीडियो और उसके संदर्भ की जांच की बात भी कह रहे हैं.

भगवान कृष्ण को बताया था 5 वक्त का नमाजी

इसके पहले मौलाना जर्जिस ने भगवान श्रीकृष्ण को इस्लाम धर्म का बताते हुए उन्हें 5 वक्त का नमाजी बता दिया था. मौलाना के इस विवादित बयान के बाद हिन्दूवादी संगठन सड़कों पर उतर गए थे. अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर मौलाना के इस विवादित बयान को लेकर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की थी. इतना ही नहीं नारेबाजी करते हुए ये संगठन लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचा और मौलाना के खिलाफ तहरीर भी दी. इसके बाद लखनऊ पुलिस ने आरोपी मौलाना पर मुकदमा दर्ज कर लिया था. अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मौलाना की फोटो को पैरों से कुचला. पिछले दिनों इस मौलाना ने झारखंड में एक कार्यक्रम के दौरान के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को पक्का मुसलमान पांच वक्त का नमाजी बताते हुए विवादित टिप्पणी की थी.

कौन है मौलाना जर्जिस अंसारी?

इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की पहचान एक इस्लामिक वक्ता के रूप में है और वे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में तकरीरें देने के लिए जाना जाता है. हालांकि, इसका नाम कई बार विवादों में भी रहा है. वर्ष 2022 में वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक महिला की शिकायत पर दर्ज मामले में उन्हें शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और धमकी देने का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसके बाद मौलाना ने इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उसे राहत मिली. कानूनी मामले के अलावा मौलाना जर्जिस अंसारी अपने कई सार्वजनिक बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहा है.

Bureau Report

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