CBI का दावा- NTA के अधिकारियों ने ही किया पेपर लीक, इस तरीके से बाहर लाते थे सवाल; चार्जशीट में खुले कई राज

CBI का दावा- NTA के अधिकारियों ने ही किया पेपर लीक, इस तरीके से बाहर लाते थे सवाल; चार्जशीट में खुले कई राज

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने न्यायालय में दाखिल चार्जशीट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक करने में अहम भूमिका नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जुड़े अधिकारी ही निभाते थे. हैरान करने वाली बात है इन अधिकारियों ने प्रश्नों को लीक करने यानी बाहर तक पहुंचाने के लिए एक बेहद सामान्य, लेकिन प्रभावी तरीका आजमाया था. 

दरअसल, हाल में केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से 94 पेज की चार्जशीट दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई थी. इसमें एजेंसी ने दावा किया है कि पेपर को तैयार करने के दौरान ही अधिकारी सवाल को याद कर लिया करते थे. इतना ही नही वे इन सवाल को बाद में जाकर होटल में लिख लेते थे या फिर एनसीईआरटी के किताबों में इससे संबंधित सवालों को टिक कर लेते थे और बाद में उसको बाहर पहुंचाते थे. 

चार्जशीट में क्या कहा गया? 

सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में बताया गया कि एक एक्सपर्ट ने रसायन विज्ञान के सभी 135 सवाल और उनके विकल्पों को छोटे कागजों पर लिखे और बाहर निकल आया. वहीं, दो अन्य विशेषज्ञों ने सवालों को याद किया और उन्हें बाहर पहुंचाया.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवाल 

गौरतलब है कि सीबीआई की ओर से अपनी जांच में एनटीए ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. चार्जशीट के अनुसार, गोपनी विंग में प्रवेश करने वाले या वहां से निकलने वालों की कायदे से जांच नहीं होती थी. सीसीटीवी लगने के बाद भी उनकी लाइव निगरानी नहीं की जाती थी. जांच एजेंसी का दावा है कि इन्हीं कमियों का अधिकारियों ने भरपूर फायदा उठाया है. 

पेपर लीक के बदले ली गई मोटी रकम 

सीबीआई की ओर से दावा किया गया है कि पेपर लीक को लेकर प्लानिंग काफी पहले बनाई गई थी. प्रश्नों को बाहर निकालकर उन्हें कुछ चुनिंदा जगहों तक पहुंचाया गया. इसके बदले में मोटी रकम की मांग की गई थी. जांच एजेंसी की ओर से मामले में पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. 

Bureau Report

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