मार्केटकैप के आधार पर देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल टाटा समूह के भीतर सब ठीक नहीं है. टाटा के बोर्ड रूम ड्रामे से लेकर टाटा ट्रस्ट में मची हलचल के बीच एक और बड़ी खबर आई है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है . हालांकि, वो अपने कार्यकाल (फरवरी 2027) को पूरा करेंगे. अब तक की जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखरन दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे.
टाटा संस के चेयरमैन ने दिया इस्तीफा
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अचानक से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के वक्त ने सबको हैरान किया है. 18 अगस्त को AGM की मीटिंग होने वाली है.इस मीटिंग में ठीक पहले उनका ये इस्तीफा कई सवाल उठाता है. साल 2016 में एन चंद्रशेखरन को टाटा संस के बोर्ड में शामिल किया गया था. साल 2017 से वो टाटा संस बोर्ड के चेयरमैन नियुक्त किए गए. फरवरी 2027 में उनका कार्यकाल पूरा होने वाला है. इस बात के कयास तेज थे कि उन्हें एक बार फिर से एक्सटेंशन मिल जाएगा, लेकिन Tata Trusts और चेंद्रशेखरन के बीच बढ़ते मतभेद की वजह से 12 अगस्त को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
इस्तीफे पर एन चंद्रशेखरन का भावुक पोस्ट
” टाटा ग्रुप के साथ 40 साल से जुड़ा हूं. टाटा में योगदान देने का अवसर मिलने के लिए मैं आभारी हूं. बीते एक दशक से मैं टाटासंस का नेतृत्व कर रहा हूं, जो मेरे लिए सम्मान और गहरी जिम्मेदारी की बात रही है. टाटासंस के चेयरमैन के तौर पर मेरा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है. सर दोराजी टाटा ट्रंस और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से मेरे अगले कार्यकाल को 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा और सिफारिश की है.
इसके बाद उनका यह प्रस्ताव 26 फरवरी 2026 को टाटासंस बोर्ड के सामने रखा गया . हालांकि बोर्ड के एक सदस्य की ओर से समर्थन नहीं देने की वजह से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका. सर्वसम्मति नहीं मिलने की स्थिति में मैने इस फैसले को टासने का विकल्प चुना. उस बोर्ड की बैठक को 6 महीने बीत चुके हैं और आज तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं हो पाया है. टाटासंस बहुत बड़ा संस्थान है.
सादर,
चंद्रा”
टाटासंस बहुत बड़ा संस्थान है, जहां कई बड़े प्रोजेक्ट्स अभी महत्वपूर्ण चरण में हैं. ऐसे में .ह जरूरी है कि फरवरी 2027 के बाद टाटासंस के नेतृत्व के लिए समय रहते हुए लीडर चुना जाए. नेतृत्व को लेकर स्पष्टता, कर्मचारियों और निवेशकों, पार्ट्नर्स और शेयरहोल्डर के लिए ये बेहद जरूरी है. ऐसे में आज मैंने टाटासंस बोर्ड को सूचित किया है कि मैं 20 फरवरी 2027 को अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए खुद की दावेदारी पेश नहीं करूंगी. मैंने बोर्ड से अनुरोध किया है कि वह जल्द ही उत्तराधिकारी तय करें, ताकि हैंडओवर सुनिश्चित किया जा सके.
मैं सभी शेयरहोल्डर्स के समर्थन और सहयोग के लिए आभारी हूं
एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की वजह
चंद्रशेखरन के पोस्ट से ये स्पष्ट है कि टाटा ट्रस्ट के बोर्ड की ओर से एक्सटेंशन के फैसलों पर हो रही देरी से नाराज थे. फरवरी 2026 में उनके पांच साल के कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाया था और बीते 6 महीनों से उसपर कोई समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने उन्होंने अपने इस्तीफा देने के बारे में फैसला लिया है.
Bureau Report
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