पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की सेहत को लेकर सियासत शुरू हो गई है. पाक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. गुरुवार देर रात इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट किया गया. हालांकि, जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. इस दौरान इस्लामाबाद के साथ अन्य शहरों में भी भारी पुलिस बल की तैनाती नजर आई.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से इमरान खान के इलाज के लिए मिले आदेश के बाद शहबाज सरकार में एक अलग बेचैनी देखने को मिली. हैरान करने वाली बात है सरकार ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसको शीर्ष कोर्ट ने खारिज कर दिया. इन्ही घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने नई हलचल पैदा कर दी है.
नए दावे से बढ़ गई हलचल
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने दावा किया कि इमरान खान और पाकिस्तानी सेना प्रमुख के बीच एक सीक्रेट डील हो हो सकती है. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि पाकिस्तान का इतिहास खुद को दोहरा रहा है. उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान की कई पूर्व घटनाओं का जिक्र किया, जिसमें नवाज शरीफ का वाकया भी शामिल है. दावा किया जा रहा है कि सीक्रेट डील की खबर सामने आने के बाद तक इमरान खान के परिवार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है.
क्या नवाज वाले फॉर्मूले पर चलेंगे इमरान?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट बताती है कि हामिद मीर ने दावा किया कि आने वाले समय में पाकिस्तान में कुछ भी हो सकता है, जिसके हालात नजर आने लगे हैं. मीर की ओर से कहा गया कि साल 2018 में जब इमरान खान पीएम हुआ करते थे, तो नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के कई मामलों में दोषी पाया गया और फिर जेल भेजा गया. एक साल में तीन बार उन्हें अंतरिम जमानत भी मिली. ये जमानतें अधिकांश स्वास्थ्य कारणों मिली थी.
इसके कुछ समय बाद लाहौर के हाईकोर्ट नवाज शरीफ को विदेश में उपचार के लिए जाने की अनुमति दी. वह लंदन गए और साल 2023 तक रहे. इसके बाद जब इमरान खान अपने पद से हटाए गए और जेल भेजे गए, उसके बाद नवाज शरीफ ने पाकिस्तान में वापसी की. अब इमरान खान को लेकर भी कुछ-कुछ वैसी स्थिति ही बनती नजर आ रही है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठे कई सवाल
हाल में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व पीएम इमरान खान को उपचार के लिए जेल से अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया. पाकिस्तान के शीर्ष न्यायालय के फैसले पर पत्रकार हामिद मीर ने कहा कि पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास के लिहाज से यह कोई नया आदेश नहीं है.
उन्होंने पुराना उदाहरण देते हुए कहा कि कोर्ट और संबंधित पक्षों से नवाज शरीफ ने भी चुपचाप सौदा कर लिया और राहत पाई. यही कारण है कि शरीफ परिवार को लग रहा है कि इमरान खान को अब किसी गुप्त डील के जरिए राहत मिल सकती है. सबसे खास है कि मीर की ओर से पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी के हालिया बयान को भी कोट किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.
इमरान खान की वापसी होगी?
गौरतलब है कि इमरान खान पाकिस्तान की सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगे या नहीं, इसको लेकर कुछ भी कह पाना मुश्किल है. फिलहाल इमरान खान कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. यही कारण है कि उनका इस समय सक्रिय राजनीति में वापसी करना थोड़ा कठिन माना जा सकता है. हालांकि, मीर की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि शारीरिक तौर पर खान ठीक हैं, लेकिन उनकी आंखों रोशन की हालत ठीक नहीं है. इमरान खान की लोकप्रियता पर कोई भी संदेह करना सही नहीं होगा.
मीर का मानना है कि पाकिस्तानी राजनीति में कुछ भी संभव है. अगर नवाज शरीफ ठीक होकर फिर से पाक की सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं, तो इमरान खान के ऐसै करने पर संदेह नहीं करना चाहिए. मीर का दावा है कि इसी कारण से शरीफ परिवार इस समय चिंता में है.
इमरान खान के परिवार ने साधी चुप्पी
पिछले कई महीनों से जेल में बंद इमरान खान से मुलाकात के लिए पहली बार उनकी बहन पहुंची. पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट द डॉन की एक रिपोर्ट बताती है कि इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने इस साल पहली बार 15 मिनट के लिए इमरान खान से मिली. दोनों की मुलाकात एक कमरे में हुई. यहां पर इमरान की सेहत को लेकर चर्चा की गई. नूरीन की ओर इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में जानकारी दी गई. हालांकि, इस पूरे मसले पर नूरीन ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे नजर आईं.
शहबाज सरकार फिर पहुंची सुप्रीम कोर्ट
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट इमरान खान को राहत मिली. कोर्ट ने आदेश दिया कि इमरान खान को निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया जाए, जहां पर उनका उपचार हो सके. हालांकि, इस फैसले के खिलाफ शहबाज सरकार ने शीर्ष न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और अपना आदेश बरकरार रखा. सूत्रों की मानें, तो एक बार से कुछ खामियों को दूर करते हुए शहबाज सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकती है.
इमरान की सेहत और राजनीतिकरण
वर्तमान स्थिति में इमरान खान की सेहत पाकिस्तानी अवाम में एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है. इस बीच उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शहबाज सरकार इमरान खान की सेहत से अधिक उनकी राजनीतिक ताकत को लेकर चिंता में है. पीटीआई का दावा है कि इमरान खान की लोकप्रियता सरकार और सत्ता प्रतिष्ठान के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. इन्हीं कारणों की वजह से शहबाज सरकार सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी नहीं मान रही है.
Bureau Report
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